फीफा वर्ल्ड कप फाइनल: क्या मुंबई में देर रात तक खुलेंगे बार? महाराष्ट्र सरकार के फैसले का इंतजार
होटल एसोसिएशन के मुताबिक, यह मांग उन ग्राहकों की लगातार आ रही पूछताछ के बाद की गई है जो होटलों और रेस्तरां में इस बड़े
होटल एसोसिएशन के मुताबिक, यह मांग उन ग्राहकों की लगातार आ रही पूछताछ के बाद की गई है जो होटलों और रेस्तरां में इस बड़े मुकाबले को देखना चाहते हैं। दुनिया के इस सबसे बड़े खेल आयोजन के फाइनल मैच को देखने के लिए फुटबॉल प्रेमियों, घरेलू पर्यटकों और विदेशी मेहमानों के जुटने की उम्मीद है। यदि सरकार से मंजूरी मिल जाती है, तो यह छूट मौजूदा नियमों से सिर्फ एक रात के लिए होगी और यह केवल लाइसेंस वाले होटलों और रेस्तरां पर ही लागू होगी।एचआरएडब्ल्यूआई के अध्यक्ष जिमी शॉ ने मीडिया से कहा कि लाइसेंस वाले स्थानों को मैच खत्म होने तक खुले रहने की मंजूरी देने से फुटबॉल प्रेमियों को किसी असुरक्षित जगह पर इकट्ठा होने के बजाय, मैच का आनंद लेने के लिए एक सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि फीफा वर्ल्ड कप फाइनल वास्तव में एक बड़ा वैश्विक खेल आयोजन है जो दुनिया भर के लोगों को एक साथ लाता है। होटल और रेस्तरां बार के लिए समय को एक रात के लिए बढ़ाने से प्रशंसक एक सुरक्षित, व्यवस्थित और व्यावसायिक माहौल में मैच का मजा ले सकेंगे। इसके साथ ही पर्यटन और होटल कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।एसोसिएशन ने सरकार को याद दिलाया है कि कर्नाटक और असम ने पिछले फीफा विश्व कप फाइनल के दौरान जनता की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और टैक्स नियमों का पालन कराते हुए होटल और रेस्तरां को इसी तरह की छूट दी थी। एसोसिएशन ने गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारों को भी इसी तरह के मांग पत्र सौंपे हैं।एसोसिएशन के प्रवक्ता प्रदीप शेट्टी ने कहा कि मौजूदा पाबंदियों के कारण होटल और बार देर रात होने वाले अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के दौरान मेहमानों को सेवाएं नहीं दे पाते हैं, भले ही कई अन्य तरह के बिजनेस को चौबीसों घंटे काम करने की अनुमति है।
उन्होंने कहा कि समय बढ़ाने से ग्राहकों को मैच देखने के लिए एक सुरक्षित जगह मिलेगी। साथ ही देर रात के भोजन, खाने-पीने की चीजों की बिक्री और पर्यटन के जरिए अतिरिक्त व्यापार भी बढ़ेगा।होटल एसोसिएशन ने राज्य सरकार को भरोसा दिया है कि यदि इस मांग को मंजूरी दी जाती है, तो सभी संस्थान लाइसेंस की शर्तों, नियमों, पुलिस के निर्देशों, जनता की सुरक्षा, भीड़ को संभालने
के तरीकों और शोर नियंत्रण के नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे। फिलहाल राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर अभी तक किसी फैसले की घोषणा नहीं की है। फुटबॉल प्रेमियों के लिए सरकार का जवाब यह तय करेगा कि वे होटलों और रेस्तरां में मैच की आखिरी सीटी बजने तक अपनी टीमों का हौसला बढ़ा सकते हैं, या फिर उन्हें मैच देखने के लिए कोई दूसरा इंतजाम करना होगा।
