Lucknow, India

CNG Price: पश्चिम एशिया तनाव के बीच मुंबई में फिर दो रुपये महंगी हुई सीएनजी, 17 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम

Published 30 May 2026 · finance

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। इस बार सीएनजी के खुदरा दाम में दो रुपये

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सीएनजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। इस बार सीएनजी के खुदरा दाम में दो रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है। कितना बढ़ी सीएनजी की कीमत? नई दरें 29 मई 2026 की मध्यरात्रि से लागू हो गई हैं। कीमत बढ़ने के बाद मुंबई में सीएनजी का खुदरा मूल्य 84 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है।

इसका सीधा असर निजी वाहन चालकों, टैक्सी और ऑटो रिक्शा संचालकों के साथ-साथ व्यावसायिक वाहनों पर पड़ेगा। कंपनी ने सभी डीलरों को संशोधित दरें लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। कब बढ़े थे दाम? इससे पहले 14 मई को भी सीएनजी के दाम में दो रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। यानी महज 17 दिनों के भीतर दूसरी बार कीमतें बढ़ाई गई हैं। एमजीएल फिलहाल मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण, रायगढ़, रत्नागिरी, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, लातूर और उस्मानाबाद समेत कई क्षेत्रों में सीएनजी की आपूर्ति करती है। इस बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

सोमवार को पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था। पिछले दो सप्ताह में यह चौथी बढ़ोतरी थी। मुंबई में फिलहाल पेट्रोल 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। संघर्ष से आपूर्ति हुई प्रभावित ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार भारत के बढ़ते तेल आयात बिल को नियंत्रित करने और ईंधन खपत कम करने की कोशिश कर रही है। 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है।

जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल और एलएनजी आपूर्ति प्रभावित हुई है। यह मार्ग वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है। आपूर्ति में व्यवधान के चलते अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

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