आए थे भारत में हमला करने, लुक बदलने के चक्कर में फंस गए; मिशन छोड़ लश्कर के आतंकियों ने कराया मेकओवर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकी उस्मान जट्ट एक खास मिशन पर था लेकिन उसकी अपनी ही शान-शौकत उसके आड़े आ गई। वह भारत में स्लीपर सेल तैयार करने के लिए पकिस्तान से भारत में घुस तो गया पर अपना मिशन भूलकर श्रीनगर के एक मेडिकल क्लिनिक में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकी उस्मान जट्ट एक खास मिशन पर था लेकिन उसकी अपनी ही शान-शौकत उसके आड़े आ गई। वह भारत में स्लीपर सेल तैयार करने के लिए पकिस्तान से भारत में घुस तो गया पर अपना मिशन भूलकर श्रीनगर के एक मेडिकल क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट करवाने चला गया। जट्ट अकेला ऐसा मामला नहीं है, जिसमें मिशन पर अपनी ही शक्ल-सूरत का शौक भारी पड़ गया हो। सूत्रों के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन, जो बांग्लादेश में लश्कर का एक सेल बना रहा था और जिसे मार्च में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
उसने भी गुड़गांव के एक प्राइवेट क्लिनिक में दांतों का इलाज करवाया था। जल्द ही फाइल होने वाली चार्जशीट में स्पेशल सेल ने इन इलाजों की पूरी जानकारी दी है। लोन को मार्च में तब गिरफ्तार किया गया था जब पुलिस ने उसके सेल के उन कथित सदस्यों का पता लगाया था जिन्हें पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से भर्ती किया गया था। इन लोगों ने AI समिट से पहले शहर में भड़काऊ पोस्टर लगाए थे। साजिद मीर से प्रेरित? दिलचस्प बात यह है कि उनकी प्रेरणा 26/11 का साजिशकर्ता साजिद मीर लगता है, जिसने सालों पहले अपना हुलिया बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवाई थी।
चेहरे में बदलाव करके आतंकवादी नकली पासपोर्ट बनवा लेते हैं और सीमा पार कर लेते हैं। खबरें और भी लश्कर के गुर्गे उस्मान जट्ट उर्फ 'चीनी' ने पूछताछ करने वालों के सामने कबूल किया कि बालों के तेजी से झड़ने की वजह से उसका आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान बुरी तरह से टूट गया था। रोजमर्रा की जिंदगी की हकीकत ने उसके जोश को ठंडा कर दिया, जो ट्रेनिंग कैंपों में उसे सिखाए गए आक्रामक प्रोपेगैंडा के बिल्कुल उलट था। मिशन भूल झड़ते बालों को दी अहमियत उसने अपने सौंपे गए मिशन के बजाय अपने झड़ते बालों को ज्यादा अहमियत दी।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जट्ट का मामला इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे निजी दिखावा और मानसिक परेशानी, कट्टरपंथी सोच पर भारी पड़ सकती है। जांचकर्ताओं का क्या मानना है? हालाकि, एक जांचकर्ता का कहना है कि इन घटनाओं को महज कुछ अलग-थलग मामले मानकर नजरअंदाज करना आसान है, लेकिन इस बात की भी पूरी संभावना है कि कॉस्मेटिक सर्जरी के प्रति यह जुनून अपनी पहचान बदलने और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से बचने के लिए है।
