Monsoon Session: NDA संसदीय दल की बैठकों का बदलेगा नाम, अब 'मंगल मिलन' के नाम से होंगी मीटिंग; जानें वजह
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की बैठकों को अब 'मंगल मिलन' के नाम से जाना जाएगा। सूत्रों के अनुसार, चूंकि ये बैठकें आमतौर
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की बैठकों को अब 'मंगल मिलन' के नाम से जाना जाएगा। सूत्रों के अनुसार, चूंकि ये बैठकें आमतौर पर मंगलवार को होती हैं, इसलिए इन्हें यह नया नाम दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत पहली 'मंगल मिलन' बैठक 21 जुलाई को संसद भवन परिसर में होगी। यह बैठक संसद के मानसून सत्र शुरू होने के एक दिन बाद आयोजित की जाएगी। एक सूत्र ने कहा, "21 जुलाई की बैठक से एनडीए संसदीय दल की बैठक को अब 'मंगल मिलन' के नाम से जाना जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस नाम परिवर्तन पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में भी चर्चा हुई थी। बैठक के दौरान मंत्रियों को अनौपचारिक रूप से इस बदलाव की जानकारी दी गई थी। इस बीच, संसद के मानसून सत्र से पहले सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।सूत्रों ने बताया कि यदि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला राष्ट्रीय सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) को औपचारिक मान्यता दे देते हैं, तो उसके फ्लोर नेताओं को भी सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए लोकसभा सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार क्रमश: पार्टी के फ्लोर लीडर और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) हो सकते हैं।पश्चिम बंगाल के इन दोनों सांसदों ने पिछले महीने 18 अन्य सांसदों के साथ टीएमसी नेतृत्व के खिलाफ बगावत की थी और बाद में एनसीपीआई में शामिल होने की घोषणा की थी। सोमवार को उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर लोकसभा में पार्टी के 20 सांसदों के लिए बैठने की व्यवस्था पर चर्चा की।सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष के साथ बैठक में एनसीपीआई नेताओं ने नए संसद भवन में पार्टी कार्यालय आवंटित करने का मुद्दा भी उठाया।
एनसीपीआई में शामिल सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को बताया है कि उन्होंने सुदीप बंद्योपाध्याय को फ्लोर लीडर, शताब्दी रॉय को उपनेता और काकोली घोष दस्तीदार को मुख्य सचेतक नियुक्त किया है।
