Lucknow, India

कर्नाटक के बादामी गुफा मंदिर में ASI कर्मचारी को चप्पल पहने देख भड़की महिला, बहस का वीडियो वायरल

Published 20 May 2026 · india

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक के बागलकोट जिले में स्थित ऐतिहासिक बादामी गुफा मंदिर परिसर में एक पर्यटक और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की महिला कर्मचारी के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद उस समय शुरू हुआ जब पर्यटक ने महिला कर्मचारी को चप्पल पहनकर स्मारक परिसर के अंदर जाते

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक के बागलकोट जिले में स्थित ऐतिहासिक बादामी गुफा मंदिर परिसर में एक पर्यटक और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की महिला कर्मचारी के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद उस समय शुरू हुआ जब पर्यटक ने महिला कर्मचारी को चप्पल पहनकर स्मारक परिसर के अंदर जाते देखा। यह घटना बादामी के मेनाबासिडी स्थल पर हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पर्यटक एएसआई कर्मचारी से सवाल करती दिख रही है कि वह चप्पल पहनकर मंदिर परिसर में कैसे जा सकती हैं। पर्यटक ने यह भी मांग की कि वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए।

वहां मौजूद लोगों के अनुसार, पर्यटक ने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर में चप्पल पहनकर घूमना धार्मिक भावनाओं का अपमान है। कर्मचारी ने कहा- ड्यूटी नियमों का पालन कर रही थी एएसआई कर्मचारी ने जवाब में कहा कि वह ड्यूटी से जुड़े नियमों का पालन कर रही थीं। उन्होंने पर्यटक से कहा कि वह चाहें तो वरिष्ठ अधिकारियों से स्मारक परिसर के नियमों के बारे में जानकारी ले सकती हैं। A tourist ripped into hijab-wearing ASI staffer Roshini Mustafi at Karnataka’s ancient Badami Caves for strutting around in slippers inside the sacred 6th-century Hindu rock-cut temples. She demanded respect for temple traditions and asked: would this fly at a dargah?

pic.twitter.com/2fDpWp2duz — Dr RK Singh (@DrRupak) May 19, 2026 जैसे-जैसे वहां लोगों की भीड़ बढ़ी, बहस और भावुक होती गई। वीडियो में महिला कर्मचारी काफी परेशान नजर आईं और बाद में फोन पर अपने वरिष्ठ अधिकारी से बात करते हुए रोती भी दिखाई दीं। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर बंटी राय कई लोगों ने पर्यटक का समर्थन करते हुए कहा कि छठी शताब्दी के बादामी गुफा मंदिर धार्मिक स्थल हैं और वहां सभी लोगों, यहां तक कि सरकारी कर्मचारियों को भी बिना चप्पल प्रवेश करना चाहिए। खबरें और भी वहीं कुछ लोगों ने पर्यटक के व्यवहार की आलोचना की और कहा कि नियमों को चुनिंदा तरीके से लागू नहीं किया जा सकता।

सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी ध्यान दिलाया कि वीडियो में खुद पर्यटक, दूसरे दर्शक और सुरक्षा कर्मी भी चप्पल पहने नजर आ रहे थे। कुछ लोगों ने कहा कि बादामी गुफाएं मुख्य रूप से संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक हैं, न कि पूरी तरह सक्रिय पूजा स्थल, इसलिए यहां जूते-चप्पलों को लेकर नियम स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि कुछ यूजर्स ने दावा किया कि महिला कर्मचारी गर्भगृह के भीतर चप्पल पहने हुई थीं, जहां जूते पहनना प्रतिबंधित माना जाता है।

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