ED: 70 करोड़ रुपये के ड्रग्स नेटवर्क पर ईडी ने कसा शिकंजा, इंदौर समेत कई शहरों में छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर सब-जोनल ऑफिस ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत 70 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में कई राज्यों में फैले
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर सब-जोनल ऑफिस ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत 70 करोड़ रुपये के ड्रग्स मामले में कई राज्यों में फैले ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश के इंदौर और मंदसौर में कई जगहों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। हैदराबाद और बीकानेर में भी छापेमारी की गई। ईडी द्वारा 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स की कथित तस्करी से जुड़ी जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ईडी ने इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी। यह एफआईआर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 8 और 22 के तहत अपराधों के लिए कई आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपियों में से एक अपने ज्ञात पतों पर नहीं मिल रहा था। ईडी ने खुफिया जानकारी के आधार पर बड़े पैमाने पर कोशिशें कीं और एडवांस्ड एनालिटिकल और जांच तकनीकों का इस्तेमाल करके कई दिनों तक हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर में उसकी गतिविधियों का पता लगाया।जांच एजेंसी की लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद, आरोपी को इंदौर में एक ऐसे पते पर सफलतापूर्वक ढूंढ लिया गया, जिसके बारे में पहले जानकारी नहीं थी। इसके बाद तलाशी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। तलाशी के दौरान अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं।
साथ ही आरोपियों की संपत्ति और आर्थिक मामलों से जुड़ी जानकारी भी मिली है। फोरेंसिक जांच के लिए कई दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइस ज़ब्त किए गए हैं।ईडी द्वारा इन दस्तावेजों की विस्तृत आर्थिक जांच कराई जाएगी, ताकि अपराध से हुई कमाई का पता लगाया जा सके। मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का रास्ता) के खेल में कौन लोग शामिल हैं और उन्होंने अपराध से कमाए गए पैसे की लॉन्ड्रिंग का दायरा कहां तक व कैसे बढ़ाया है, यह सब भी पता लगाया जाएगा। तलाशी की कार्रवाई के दौरान, एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर एक बैंक लॉकर भी मिला।
बैंक लॉकर की तलाशी और ज़ब्ती की कार्रवाई अलग से की जा रही है। तलाशी के दौरान मिले सबूतों से कथित अपराध से जुड़े आर्थिक नेटवर्क, संपत्ति और अन्य लोगों के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। ईडी, इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका और अपराध से हुई कमाई से जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है।
