बांकरा मस्जिद पर बढ़ा विवाद: कोलकाता में काली पट्टी बांधकर पढ़ी गई नमाज, मौलाना बोले- आज भारत का काला दिन
कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में मौजूद बांकरा मस्जिद में सुरक्षा कारणों से लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के
कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में मौजूद बांकरा मस्जिद में सुरक्षा कारणों से लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। इस प्रदर्शन के समर्थन में मस्जिद में शुक्रवार की नमाज़ पढ़ने आए कुछ लोगों को काली पट्टी बांधे हुए देखा गया। हालता के चलते मस्जिद के पास सुरक्षा बल तैनात किए गए। पश्चिम बंगाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा 'यह भारत के लिए एक काला दिन है। मुझे दुख है क्योंकि बांकरा को बदनाम किया गया। पश्चिम बंगाल में आज एक करोड़ लोगों और 55,000 मस्जिदों में लोगों ने नमाज पढ़ी और काली पट्टी बांधी।
मुझे दुख है कि बांकरा को बदनाम किया गया। मैंने कभी नहीं कहा था कि यहां लाखों लोग जमा होंगे।' उन्होंने आगे कहा 'आज बंगाल के 4 करोड़ मुसलमानों और धर्मनिरपेक्ष लोगों के लिए काला दिन है। हमने शांति बनाए रखी। पुलिस किसी अप्रिय घटना की आशंका में हथियारों से लैस होकर आई थी, लेकिन वे नाकाम रहे। उनका स्रोत विफल रह। हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता। हमारे कदम सोचे-समझे हैं। हमारे पास 2004 से हवाई अड्डे के साथ हुए लेन-देन के दस्तावेज है। मस्जिद समिति ने हवाई अड्डे के अधिकारियों और पुलिस स्टेशन को शुक्रवार की नमाज के लिए अनुमति देने हेतु पत्र दिया था।
उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।मुख्यमंत्री और मैं एक-दूसरे को जानते हैं, इसलिए मैंने उन्हें नमाज की व्यवस्था करने का अनुरोध करते हुए पत्र भेजा, लेकिन कोई मदद नहीं मिला। कल कोलकाता में पुलिस के सहयोग से रथ यात्रा सड़कों पर निकली और सफल रही, लेकिन हमें इससे वंचित रखा गया। मुख्यमंत्री ने मुझसे संपर्क किया। मुझे नहीं पता था कि गृह मंत्री आ रहे है। हम कानूनी रास्ता अपनाएंगे। आज 22 जिलों में 1 करोड़ से अधिक लोगों ने शांतिपूर्वक नमाज अदा की और काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। हमारा अगला कदम अदालत में पेश होना है।'जानकारों का कहना है कि अगर मरम्मत के लिए पहला रनवे कुछ समय के लिए बंद किया जाता है तो बड़े विमानों के टेक-ऑफ और लैंडिंग में दिक्कतें आएंगी।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि मस्जिद से भी टेक-ऑफ और लैंडिंग करने वाले विमानों को खतरा है, और दूसरे रनवे को बड़ा करने का काम भी रुका हुआ है। कई दशकों से मस्जिद को हटाने पर चर्चा हो रही है, लेकिन अब तक इस मुद्दे पर कोई पक्का फैसला नहीं हो पाया है।
