Lucknow, India

'वैवाहिक मुद्दों पर आपराधिक मामले दर्ज कराना चिंताजनक', सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों को सतर्क रहने को कहा

Published 29 May 2026 · india

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वैवाहिक और व्यावसायिक विवादों में उलझे वादियों द्वारा व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए आपराधिक मामले दर्ज कराने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे तुच्छ और परेशान करने वाली हरकत बताते हुए अदालतों को सतर्क रहने और इन मामलों

पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वैवाहिक और व्यावसायिक विवादों में उलझे वादियों द्वारा व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए आपराधिक मामले दर्ज कराने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। सर्वोच्च न्यायालय ने इसे तुच्छ और परेशान करने वाली हरकत बताते हुए अदालतों को सतर्क रहने और इन मामलों की बारीकी से जांच करने का निर्देश दिया। इस टिप्पणी के साथ ही जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने 14 वर्षीय लड़की के साथ उसके पिता और चाचा द्वारा दुष्कर्म के आरोप वाली आपराधिक शिकायत को रद कर दिया। 50 पृष्ठों का फैसला लिखते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि हम एक चिंताजनक प्रवृत्ति की ओर ध्यान दिलाना चाहते हैं, जो हमारे संज्ञान में आई है।

वैवाहिक या व्यावसायिक संबंधों में शामिल पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए तुच्छ और परेशान करने वाले आपराधिक मामले दायर कर रहे हैं। इस उद्देश्य के लिए वे कुटिल/विकृत साधनों का सहारा ले रहे हैं। इस तरह के मुकदमों से न्यायालयों का दुरुपयोग हो रहा है और उन पर बोझ बढ़ रहा है। कई बार कानून और पुलिस का सहारा अप्रत्यक्ष रूप से दूसरे जीवनसाथी और उनके परिवार के सदस्यों को परेशान करने, दबाव डालने, सताने और प्रताड़ित करने के लिए लिया जाता है, ताकि बदला लिया जा सके। मौजूदा मामले में आरोपित पिता और उनकी अलग रह रही पत्नी (कथित पीड़िता की मां) के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा था और एक-दूसरे के खिलाफ लगभग 10 मामले दर्ज किए गए थे।

एफआईआर को रद करते हुए न्यायालय ने कहा कि किसी अन्य सहायक विवरण के बिना केवल गंभीर आरोप लगाने से आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। यह है मामला यह मामला दो पक्षों के बीच एक दशक लंबे कानूनी विवाद से उपजा है। पुरुष और महिला के बीच 2008 में शादी हुई और 2011 में दोनों अलग हो गए। उनके दोनों बच्चे 14 साल तक पिता के पास रहे। नाबालिग बेटी का संरक्षण मिलने के तुरंत बाद मां ने सितंबर 2024 में शिकायत दर्ज कराई। खबरें और भी उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अलग रह रहे पति और उनके भाई ने 14 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया था।

उन्होंने अपनी ननद पर बच्ची का यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया और दावा किया कि दादी ने शारीरिक दुर्व्यवहार किया था।

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