सिक्किमः जीवंत हुई लेप्चा समुदाय की सांस्कृतिक विरासत, मंत्री-विधायक और सीएम के राजनीतिक सलाहकार ने रोपा धान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के कृषि, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, मत्स्य तथा उद्यानिकी मंत्री पुरन कुमार गुरूंग थे। उनके साथ उपाध्यक्ष विधानसभा एवं यांगांग
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के कृषि, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, मत्स्य तथा उद्यानिकी मंत्री पुरन कुमार गुरूंग थे। उनके साथ उपाध्यक्ष विधानसभा एवं यांगांग की विधायक राज कुमारी थापा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव बिकास बस्नेत, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के अध्यक्ष सोनम नोर्गे लाचुंगपा, इफको ऑर्गेनिक्स के अध्यक्ष राज कुमार बस्नेत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 'एगो क्यॉन्ग' यानी लेप्चा समुदाय की पारंपरिक धान रोपाई की सामूहिक प्रक्रिया रही, जिसने समुदाय और प्रकृति के बीच सदियों पुराने रिश्ते को जीवंत कर दिया।
पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोक प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लेप्चा समाज की कृषि परंपरा और जीवनशैली को प्रदर्शित किया गया। मुख्य अतिथि पुरन कुमार गुरूंग ने कहा कि यह पहल केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि पारंपरिक ज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े रहने का आह्वान किया।वहीं, विधायक एवं विधानसभा उपाध्यक्ष राज कुमारी थापा ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में 'जोमाल जोएथ्यांग' यांगांग क्षेत्र की पहचान बनने वाला प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन आयोजन साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर भी पैदा होंगे। कार्यक्रम में गांवों के निवासियों, सांस्कृतिक दलों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष रंग प्रदान किया। आगंतुकों को लेप्चा समुदाय की पारंपरिक कृषि पद्धतियों, रीति-रिवाजों और जीवन शैली को करीब से जानने का अवसर मिला।आयोजकों ने कहा कि 'एगो क्यॉन्ग' केवल खेती की एक पद्धति नहीं, बल्कि प्रकृति, समुदाय और परंपरा के बीच संतुलन और सहअस्तित्व का प्रतीक है।
इसी विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और सामुदायिक पर्यटन के जरिए सिक्किम की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से इस आयोजन की शुरुआत की गई है। यांगांग पर्यटन विकास समिति के अनुसार, भविष्य में इस आयोजन को सिक्किम के प्रमुख सांस्कृतिक और पर्यटन आयोजनों में शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
