बिहार- ट्रेन में शूटर से कराया इंजीनियर पति का मर्डर:अफसर पत्नी ने शादी के बाद ही बॉयफ्रेंड के साथ प्लानिंग शुरू कर दी थी
सुपौल में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर पत्नी ने चलती ट्रेन में अपने इंजीनियर पति देव कुमार गुंजन की हत्या करवाई। इस वारदात में महिला का बॉयफ्रेंड
सुपौल में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर पत्नी ने चलती ट्रेन में अपने इंजीनियर पति देव कुमार गुंजन की हत्या करवाई। इस वारदात में महिला का बॉयफ्रेंड भी शामिल था। दोनों ने मिलकर 4 लाख में मर्डर की सुपारी दी थी। 8 साल पहले 2018 में दोनों की शादी हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि शादी के दूसरे दिन से ही अस्मिता पति को रास्ते से हटाने की प्लानिंग में थी। कटिहार रेल पुलिस ने 11 जून को जनसाधारण एक्सप्रेस में हुई हत्या का खुलासा किया है। हत्या के बाद इसे लूटपाट साबित करने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने इस मामले में पत्नी अस्मिता कुमारी, बॉयफ्रेंड अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। पति-पत्नी और प्रेमी ने एकसाथ, एक ऑफिस से अपना करियर शुरू किया, जो चलती ट्रेन में फायरिंग और अब गिरफ्तारी पर जाकर खत्म हुआ। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करवाई… पत्नी से मिलने जा रहे थे, फिर नहीं लौटे 11 जून को देव कुमार गुंजन जमुई से जनसाधारण एक्सप्रेस लेकर अपनी पत्नी से मिलने सुपौल जा रहे थे। इसी दौरान गुरुवार रात करीब 8:30 बजे मानसी स्टेशन और बदलाघाट रेलवे स्टेशन के बीच शूटर ने वारदात को अंजाम दिया। गोली लगने के बाद देव ट्रेन की फर्श पर गिर पड़े। इतने में बदमाश भी वहां से भाग निकले। यात्रियों ने इसकी सूचना रेल पुलिस को दी। रेल पुलिस ने ट्रेन को बदलाघाट स्टेशन पर रुकवा दिया। पुलिस देव कुमार गुंजन को आनन-फानन में खगड़िया सदर अस्पताल ले गई। उसके बाद देव को बेगूसरायर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। देव कुमार मूल रूप से झारखंड के गोड्डा के रहने वाले थे।
वे जमुई के मलयपुर पावर ग्रिड में ग्रेड-वन टेक्नीशियन के पद पर थे। उनकी पत्नी अस्मिता कुमारी सुपौल में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) है। बॉयफ्रेंड भी ग्रेड-वन टेक्नीशियन की पोस्ट पर है। पत्नी ने कहा- लूटपाट के विरोध में हत्या हुई पति देव कुमार गुंजन की मौत के बाद पत्नी अस्मिता कुमारी सबसे ज्यादा सदमे में दिख रही थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति ट्रेन में लूटपाट का विरोध करने पर मारे गए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ी, लेकिन कई ऐसे सवाल थे जिनके जवाब पुलिस को नहीं मिल रहे थे। आखिर लुटेरों ने सिर्फ गोली क्यों मारी? क्या यह सिर्फ लूट थी या इसके पीछे कोई और वजह छिपी थी? इन्हीं सवालों ने जांच का एंगल बदल दिया। एक साल में 186 बार अस्मिता ने अजीत को कॉल किया देव कुमार गुंजन के मोबाइल फोन की जब फोरेंसिक जांच हुई तो पुलिस को एक नंबर मिला, जो कमीना नाम से सेव था। उस नंबर की कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड खंगालने पर कई चौंकाने वाले फैक्ट सामने आए। पिछले एक साल में अस्मिता और उस नंबर के बीच 186 बार बातचीत हुई थी। घटना वाले दिन सुबह 3 बजे से लेकर वारदात तक दोनों के बीच लगातार कई बार व्हाट्सएप कॉल पर बात हुई थी। वारदात के तुरंत बाद अस्मिता ने आंसू बहाते हुए पुलिस के सामने लूटपाट के दौरान पति को गोली मारे जाने की कहानी गढ़ी थी। लेकिन, प्रेमी जोड़े ने तीन बड़ी गलतियां की, जिसने पूरी साजिश की कड़ियों को आपस में जोड़ा। रेल SP बोले- कॉल डिटेल्स ने खोले राज रेल SP हरिशंकर कुमार ने बताया, शुरुआती जांच में कई ऐसे फैक्ट सामने आए, जिसके कारण पुलिस को लूट की कहानी पर शक हुआ।