गर्मी ने इस शहर के लोगों की उड़ाई सबसे ज्यादा नींद, जानिए कितना कम सो पा रहे दिल्ली वाले
जलवायु परिवर्तन का असर सिर्फ बढ़ते तापमान तक सीमित नहीं है. यह अब लोगों की नींद पर भी प्रभाव डाल रहा है. क्लाइमेट सेंट्रल की
जलवायु परिवर्तन का असर सिर्फ बढ़ते तापमान तक सीमित नहीं है. यह अब लोगों की नींद पर भी प्रभाव डाल रहा है. क्लाइमेट सेंट्रल की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कई शहरों में रात का तापमान बढ़ रहा है. बढ़ता तापमान लोगों की सालाना नींद के 66 से 93 घंटे तक छीन रहा है. जिन शहरों में नींद के घंटों में सबसे ज्यादा कमी देखी गई है उनमें चेन्नई, नेल्लोर कोझिकोड टॉप पर हैं, जबकि मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और दिल्ली भी इस लिस्ट में शामिल है.
