एविल में स्मैक घोलकर बना रहे 'एमडी' जैसा नशा:रिपोर्टर नशेड़ी बनकर पहुंचा सप्लायरों तक, नेटवर्क में डॉक्टर- पूर्व नपा अध्यक्ष का बेटा तक शामिल
पहले एविल इंजेक्शन को गर्म कर उसमें स्मैक मिलाकर दोबारा गर्म करते हैं। ठंडा होने के बाद इसे नस में इंजेक्ट करते हैं। इसके बाद
पहले एविल इंजेक्शन को गर्म कर उसमें स्मैक मिलाकर दोबारा गर्म करते हैं। ठंडा होने के बाद इसे नस में इंजेक्ट करते हैं। इसके बाद ऐसा नशा होता है मानो हेलीकॉप्टर में उड़ रहे हों। आजकल एमडी जैसा असर भी इसी तरीके से मिल रहा है। यह दावा करते हुए नशेड़ी ने रिपोर्टर के सामने ही दवा अपनी नस में इंजेक्ट कर ली। एक्सपर्ट के मुताबिक, एविल और स्मैक का यह कॉम्बिनेशन बेहद खतरनाक है। इसका ओवरडोज कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो सकता है। इस नेटवर्क की पड़ताल के लिए भास्कर रिपोर्टर ने 15 दिन तक नशेड़ियों के बीच रहकर जांच की। जांच में सामने आया कि डॉक्टर के पर्चे के बिना प्रतिबंधित एविल इंजेक्शन किराना दुकानों और घरों से आसानी से बेचा जा रहा है। एक डॉक्टर भी खुफिया कैमरे में अवैध रूप से इंजेक्शन बेचते हुए कैद हुआ। स्मैक की पुड़िया भी आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है। पड़ताल में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे की भूमिका भी सामने आई। जांच के दौरान प्रशासन की कमजोर निगरानी और पुलिस की ढिलाई उजागर हुई। मध्य प्रदेश-राजस्थान सीमा से लगे कई जिलों में नशे का यह तरीका तेजी से फैल रहा है। यह पड़ताल शाजापुर जिले के शुजालपुर में की गई। 15 दिन की पड़ताल में मौत के कारोबार का नेटवर्क उजागर 15 दिन की जांच में रिपोर्टर ने न केवल नशे के सप्लाई नेटवर्क, बल्कि इसे तैयार करने और इस्तेमाल करने की प्रक्रिया भी कैमरे में रिकॉर्ड की। इसके लिए वह कई दिनों तक दो नशे के आदी युवकों के साथ रहा। उनका भरोसा जीतने के बाद रिपोर्टर अवैध रूप से एविल इंजेक्शन और स्मैक की सप्लाई करने वालों तक पहुंचा। रिपोर्टर ने एक नशे के आदी युवक से एविल इंजेक्शन दिलाने की बात कही। शुरुआत में युवक ने यह कहकर मना कर दिया कि पैडलर किसी अनजान व्यक्ति को दवा नहीं बेचते। काफी भरोसा दिलाने के बाद वह रिपोर्टर को शुजालपुर सिटी के बकरी बाजार, रायकनपुरा स्थित बजरंग अखाड़ा रोड के एक घर ले गया। 300 रुपए में दो इंजेक्शन दरवाजा खटखटाने पर एक महिला ने रिपोर्टर को देखकर दवा देने से इनकार कर दिया।
लौटते समय महिला ने युवक से साथ आए व्यक्ति के बारे में पूछा। युवक ने कहा, "इन्हें भी लत है। भोपाल से आए हैं और मेरे मेहमान हैं।" इसके बाद महिला तैयार हो गई। रिपोर्टर ने दो इंजेक्शन मांगे। महिला ने 300 रुपए लेकर दूर खड़े रहने को कहा। कुछ देर बाद उसका एक साथी आया और बिना कुछ बोले दो इंजेक्शन सौंप गया। पूर्व नपा अध्यक्ष के बेटे का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड एविल के साथ इस्तेमाल होने वाली स्मैक की सप्लाई का पता लगाने के लिए रिपोर्टर ने अन्य नशेड़ियों से संपर्क किया। जानकारी मिली कि शुजालपुर मंडी की कृष्णानगर कॉलोनी निवासी नवरंगी उर्फ घनश्याम स्मैक का बड़ा सप्लायर है। वह गेहूं के दाने जितनी मात्रा की एक पुड़िया 150 से 200 रुपए में बेचता है। रिपोर्टर उसके घर पहुंचा तो बाहर बैठी महिला ने कहा, "ऐसे मत खड़े रहा करो... सामान लो और निकल जाओ।" पास खड़े नवरंगी ने रुपए लेकर दो पुड़िया दीं और तुरंत वहां से चले जाने को कहा। पड़ताल में पता चला कि नवरंगी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मोहनलाल अहिरवार का बेटा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस से कथित सांठगांठ के चलते कार्रवाई के बाद भी वह जल्द बाहर आ जाता है। डॉक्टर ने इंजेक्शन देने के साथ सलाह भी दी अगले दिन रिपोर्टर ने उसी नशेड़ी से एविल इंजेक्शन के दूसरे सोर्स के बारे में पूछा। उसने बताया कि डॉक्टर ताहिर हुसैन क्लिनिक चलाते हैं और वहीं से इंजेक्शन मिल जाता है। रिपोर्टर जब क्लिनिक पहुंचा तो वह बंद मिला। बोर्ड पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर डॉक्टर ने शुजालपुर सिटी के नूरपुरा स्थित मस्जिद के पास अपने घर बुलाया। वहां पहुंचने पर उसने रिपोर्टर को गौर से देखा, 300 रुपए लेकर एविल इंजेक्शन की दो शीशियां दीं और सावधानी बरतने की सलाह देकर अंदर चला गया। खुलेआम सड़क पर बिकती है स्मैक स्मैक के एक अन्य सप्लायर अल्ली तक पहुंचने के लिए रिपोर्टर नूरपुरा स्थित उसके घर पहुंचा। फोन बंद होने के कारण सीधे घर जाना पड़ा। खिड़की से आवाज देने पर अल्ली बाहर आया, लेकिन दो लोगों को साथ देखकर नाराज हो गया।