चिंताजनक: सुपरह्यूमन एआई 3-5 साल दूर, गूगल डीपमाइंड के CEO हसाबिस बोले- एजीआई से जैविक हथियारों जैसा खतरा
नोबेल पुरस्कार विजेता हसाबिस ने कहा कि इंसानी दिमाग की सभी संज्ञानात्मक क्षमताओं से लैस एजीआई अगले तीन से पांच वर्षों के अंदर आ सकता
नोबेल पुरस्कार विजेता हसाबिस ने कहा कि इंसानी दिमाग की सभी संज्ञानात्मक क्षमताओं से लैस एजीआई अगले तीन से पांच वर्षों के अंदर आ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना उचित सुरक्षा उपायों के विकसित किया गया एजीआई साइबर सुरक्षा और जैविक हथियारों जैसे गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।अभी एआई से जुड़े खतरों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके बजाय, कंपनियों और देशों के बीच एआई हथियारों की वैश्विक होड़ पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हम एजीआई के करीब पहुंच रहे हैं, उससे जुड़े खतरों से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।हसाबिस ने इस दौर को इंसानियत के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है। एजीआई पर काम करते हुए अपनी पूरी जिंदगी बिताने के बाद, गूगल एआई के बॉस को यकीन है कि अगर इसे जिम्मेदारी से बनाया और इस्तेमाल किया जाए, तो यह अब तक की सबसे फायदेमंद और बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी साबित होगी।
उयह बिजली या आग की खोज जैसा ही है। असल में हमने रेत से सोचने की क्षमता पैदा करने का तरीका ढूंढ लिया है। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। यहां रेत का मतलब कंप्यूटर चिप्स (सेमीकंडक्टर) से है, जो मुख्य रूप से सिलिकॉन से बने होते हैं और सिलिकॉन रेत (सिलिका) से ही मिलता है। इस प्रौद्योगिकी के असर का पैमाना अभूतपूर्व होगा, शायद इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन से 10 गुना अधिक और 10 गुना तेजी से।हसाबिस ने कहा, एजीआई हमें समाज की बड़ी समस्याओं को हल करने में मदद करेगा जैसे तेजी से नई दवाएं खोजना, स्वच्छ ऊर्जा के नए स्रोत विकसित करना और नए एडवांस्ड मटीरियल बनाना।
हम एक ऐसे मुकाम पर भी पहुंच सकते हैं जहां संसाधन इंसानी तरक्की के लिए रुकावट न रहें, जिससे भरपूर संसाधनों वाला एक शानदार नया दौर शुरू हो। स्पेसएक्स और एआई के संस्थापक एलन मस्क ने भी पहले ऐसी ही बातें कही हैं।
