Zoho: एआई से अपनी भाषा में पढ़ेंगे छात्र, 30 सेकंड में कोर्स तैयार करेंगे शिक्षक; जोहो क्लासेज 2.0 लॉन्च
एजुकेशनल तकनीक तक पहुंच आसान बनाने के लिए इसे केंद्र और राज्य सरकार के विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बिना किसी लाइसेंसिंग शुल्क के उपलब्ध
एजुकेशनल तकनीक तक पहुंच आसान बनाने के लिए इसे केंद्र और राज्य सरकार के विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में बिना किसी लाइसेंसिंग शुल्क के उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 100 की संख्या तक छात्रों वाले शिक्षक भी इस प्लेटफार्म को बिना किसी शुल्क के इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, निजी शैक्षणिक संस्थानों को इसका सब्सक्रिप्शन प्लान लेना होगा।जोहो में उत्पाद प्रबंधन के उपाध्यक्ष देव आनंद रामासामी ने बताया कि इसमें एआई ट्यूटर, इंटरैक्टिव क्विज और कोर्स मॉड्यूल जैसे कई एआई लर्निंग टूल्स हैं।
यह 22 भाषाओं में सपोर्ट करता है। छात्र अपनी भाषा में ही एआई संचालित शिक्षण, मूल्यांकन और पाठ्य सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।देव आनंद ने कहा, एआई कोर्स बिल्डर शिक्षकों को किसी भी सिलेबस, विषय या पाठ्य योजना को 30 सेकंड से भी कम समय में एक सुव्यवस्थित कोर्स में बदल देता है। पाठ की रूपरेखा, अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, आदि खुद तैयार करता है। इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर वीडियो के भीतर नोट्स बनाने के साथ ही एक लाख से अधिक पाठ्यक्रम टेम्पलेट्स का उपयोग कर सकते हैं।इससे शिक्षकों का समय बचेगा और वह विद्यार्थियों का अधिक मार्गदर्शन कर पाएंगे।
इस प्लेटफार्म का खास फीचर यह भी है कि नामांकन से लेकर पाठ्यक्रम पूरा होने तक प्रत्येक विद्यार्थी पर नजर रखता है। एआई की मदद से पिछड़ रहे विद्यार्थियों को पहचान कर सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल इसे भारत में लॉन्च किया गया है। आने वाले समय में इसे दुनिया भर में लॉन्च करने की योजना है।यह प्लेटफार्म राष्ट्रीय शिक्षा नीति के डिजिटल शिक्षण, बहुभाषी शिक्षा और आउटकम-आधारित शिक्षण लक्ष्यों को सपोर्ट करने के साथ ही NAAC, NBA, UGC जैसी संस्थाओं के लिए रिपोर्टिंग को सरल बनाता है।
प्लेटफार्म लॉन्च के अवसर पर जोहो के सीईओ मणि वेम्बु ने कहा, तकनीक को स्थानीय जरूरतों और विविध शिक्षण परिवेशों के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए, इस बात को ध्यान रखते हुए यह प्लेटफार्म तैयार किया गया है। इसकी मदद से संस्थान तकनीक का उपयोग कर सीखने के नतीजों को बेहतर बना सकेंगे।
