RSS: आधी आबादी से भागवत पहली बार करेंगे मातृत्व पर बात, उत्तर भारत की 280 महिला प्रतिनिधि लेंगी हिस्सा
डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में उत्तर भारत के विभिन्न प्रांतों और क्षेत्रों से करीब 280 प्रतिनिधि महिलाएं भाग लेंगी।
डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में उत्तर भारत के विभिन्न प्रांतों और क्षेत्रों से करीब 280 प्रतिनिधि महिलाएं भाग लेंगी। इनमें जम्मू-कश्मीर, लेह लद्दाख, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश से जुड़े अवध, मालवा, महाकौशल, गुजरात, राजस्थान, बिहार, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा की महिलाएं शामिल होंगी। यह कार्यक्रम संघ के शताब्दी वर्ष में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की शृंखला का हिस्सा है।इससे जुड़ा भागवत का दूसरा व्याख्यान 25 व 26 जुलाई को हैदराबाद में होगा।
इसमें महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों की प्रतिभागी हिस्सा लेंगी। विश्व मांगल्य सभा की राष्ट्रीय संगठन मंत्री वृषाली जोशी के मुताबिक कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में राजनीति, अर्थव्यवस्था, मनोरंजन, खेल और समाज से जुड़ी प्रमुख महिला नेतृत्व शामिल होंगी।संयोग...यह दिलचस्प संयोग है कि जब संघ प्रमुख पहली बार आधी आबादी के साथ सीधा संवाद कर रहे होंगे, तब मोदी सरकार मानसून सत्र में महिला आरक्षण के लिए राजनीतिक जंग लड़ रही होगी।
गौरतलब है कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत के लिए सरकार एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।इसी मानसून सत्र में विधेयक को अमली
जामा पहनाने की रणनीति बनाने केलिए 21 जुलाई को राजग की बैठक बुलाई गई है। आमतौर पर सत्र के दौरान राजग की बैठकों से दूरी बनाने वाले पीएम मोदी भी इस बैठक में शिरकत करेंगे।
