थल सेना प्रमुख धीरज सेठ का दौरा: पूर्वोत्तर की सुरक्षा मजबूत, जवानों का बढ़ा हौसला, दिया 'विजय' का नया मंत्र
सेना प्रमुख सबसे पहले त्रिशक्ति कोर पहुंचे। वहां जीओसी ने उन्हें सीमा की हर हलचल से रूबरू कराया। उन्होंने आधुनिक निगरानी प्रणालियों को देखा।
सेना प्रमुख सबसे पहले त्रिशक्ति कोर पहुंचे। वहां जीओसी ने उन्हें सीमा की हर हलचल से रूबरू कराया। उन्होंने आधुनिक निगरानी प्रणालियों को देखा। सेना को तकनीक से लैस करने पर लंबी चर्चा हुई। इसके बाद जनरल धीरज सेठ बेंगडुबी सैन्य स्टेशन और स्पीयर कोर पहुंचे। वहां उन्होंने सेना की रसद तैयारियों (लॉजिस्टिक्स) का जायजा लिया।
उनका सीधा संदेश था कि तैयारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।कठिन हालातों में तैनात जवानों से सेना प्रमुख ने सीधे बात की। उन्होंने जवानों के जज्बे को सलाम किया। इस मौके पर उन्होंने सेना के लिए "विजय" (VIJAY) विजन का एलान किया। यह विजन सेना को महाशक्ति बनाने के पांच बड़े स्तंभों पर आधारित है:-- हर पल दुश्मन पर कड़ी नजर।नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल।-सभी सुरक्षा बलों का महासंगम।- स्वदेशी हथियारों और साजो-सामान पर भरोसा।-देश की रक्षा करने वाले सैनिक का सम्मान सबसे पहले।सेना प्रमुख ने 'संयुक्तता' पर सबसे ज्यादा जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में अकेले जंग नहीं जीती जा सकती। इसके लिए सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को एक टीम की तरह
लड़ना होगा। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच का यह तालमेल ही हमारी असली ताकत है। उन्होंने पूर्वोत्तर में चल रहे नागरिक-सैन्य सहयोग की भी खुलकर तारीफ की।
