'क्या यही है कांग्रेस की आधिकारिक नीति?': सोज के बयान पर गरमाई सियासत, भाजपा ने राहुल गांधी से मांगा सीधा जवाब
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी विदेश दौरे से लौटते ही इस पर चुप क्यों हैं। भाजपा का आरोप है कि
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी विदेश दौरे से लौटते ही इस पर चुप क्यों हैं। भाजपा का आरोप है कि सोज आंतरिक स्वायत्तता के नाम पर कश्मीर की अलग संप्रभुता मांग रहे हैं। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि सोज ने पहले अपनी किताब में 'मुशर्रफ प्लान' का जिक्र कर कश्मीर को भारत से अलग करने तक की बात कही थी। सोज ने कहा कि विभाजन के समय जो मुस्लिम आबादी आठ करोड़ थी, वह अब 23 करोड़ हो चुकी है, इसलिए फैसला अपनी शर्तों पर होना चाहिए। त्रिवेदी ने साफ किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की नीति केवल 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की है।
यह पूरा विवाद सैफुद्दीन सोज के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (जेकेएनसी) सरकार से राज्य के दर्जे के साथ-साथ धारा 370 की बहाली की मांग को भी उठाने के लिए कहा था। सोज ने तर्क दिया था कि विभाजन के समय एक मुस्लिम बहुल राज्य ने हिंदू बहुल भारत में शामिल होने का फैसला किया था। यह फैसला सही था, लेकिन यह हमारी अपनी शर्तों पर होना चाहिए था। उन्होंने आंतरिक स्वायत्तता की वकालत की। भाजपा ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया है। सुधांशु त्रिवेदी ने सोज के इस बयान को कायरतापूर्ण और भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाला करार दिया है।शुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी हमेशा की तरह एक संदिग्ध और चर्चित विदेशी दौरे से अभी-अभी भारत लौटे हैं।
हर कोई सोच रहा था कि भारत की पवित्र धरती पर कदम रखते ही उनका कोई गैर-भारतीय या राष्ट्र-विरोधी बयान क्यों नहीं आया? अब कांग्रेस पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और जम्मू कश्मीर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज का एक कायराना बयान सामने आया है।यह सियासी घमासान ऐसे समय में हो रहा है जब नेशनल कॉन्फ्रेंस राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। फारूक अब्दुल्ला ने इस प्रदर्शन में सभी विपक्षी दलों को आमंत्रित किया है। हालांकि, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया है कि प्रशासन इस प्रदर्शन को रोकने और बाधित करने की कोशिश कर रहा है।कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग का समर्थन तो किया है, लेकिन सोज के धारा 370 वाले बयान पर कांग्रेस की चुप्पी से सस्पेंस गहरा गया है।
त्रिवेदी ने चेतावनी दी है कि अगर राहुल गांधी, सोनिया गांधी या मल्लिकार्जुन खड़गे इस पर चुप्पी नहीं तोड़ते हैं, तो इसे कांग्रेस की मौन सहमति माना जाएगा।
