मदन मित्रा का पाला बदलना क्या ममता बनर्जी के लिए ताबूत में आखिरी कील साबित होगा?
'मैं ममता बनर्जी के साथ था और ममता बनर्जी के साथ ही रहूंगा. जब मैं इस दुनिया से जाऊंगा, तब भी एक वफादार के रूप
'मैं ममता बनर्जी के साथ था और ममता बनर्जी के साथ ही रहूंगा. जब मैं इस दुनिया से जाऊंगा, तब भी एक वफादार के रूप में जाऊंगा, गद्दार के रूप में नहीं.' यह बयान इसी साल जून में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने दिया था. लेकिन ठीक एक महीने बाद, ममता बनर्जी के सबसे पुराने और भरोसेमंद साथियों में से एक मदन मित्रा ने पाला बदल लिया और बागी ऋतब्रत खेमे में शामिल हो गए.