रथ तैयार, महाप्रभु का इंतजार... पुरी में कल निकलेगी रथयात्रा, नैनासर और छेरा पहरा के बाद रथ पर विराजेंगे जगन्नाथ
सिंहद्वार पर खड़े किए जाते हैं रथ तीनों रथों पर एक सारथी और चार घोड़े बने होते हैं. तीनों रथों को सुंदर तरीके से सजाने
सिंहद्वार पर खड़े किए जाते हैं रथ तीनों रथों पर एक सारथी और चार घोड़े बने होते हैं. तीनों रथों को सुंदर तरीके से सजाने के बाद इन्हें जगन्नाथ मंदिर के पूर्वी द्वार जिसे सिंहद्वार भी कहा जाता है, उसके सामने खड़ा कर दिया जाता है.
रथ निर्माण प्रक्रिया में पवित्रता का भी ध्यान रखना होता है. रथ यात्रा के दौरान आए चढ़ावे को मंदिर के अधिकारी इन्हीं कारीगरों के बीच बांट देते हैं, जो लोग पीढ़ियों से इन रथों का निर्माण करते आ रहे हैं.
रथ यात्रा के बाद रथों की लकड़ियां अलग-अलग कर दी जाती हैं, उनका धार्मिक महत्व होने के कारण श्रद्धालु उन्हें मंदिर से ले सकते हैं. रथों के पहिए संभाल कर रखे जाते हैं.
(Photo- ANI)
