ई-मित्र से मी सेवा तक... पंचायत स्तर पर डिजिटल बदलाव के मॉडल साझा कर रहे राज्य, ई-गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गांवों में जीवन की सुगमता बढ़ाने के लिए जिस तरह से तमाम राज्यों ने पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस के माडल को अपनाया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं। पंचायतीराज मंत्रालय ने ऐसी पहल करने वाले राज्यों को मंच देने का निर्णय
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गांवों में जीवन की सुगमता बढ़ाने के लिए जिस तरह से तमाम राज्यों ने पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस के माडल को अपनाया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं। पंचायतीराज मंत्रालय ने ऐसी पहल करने वाले राज्यों को मंच देने का निर्णय किया है। इसी प्रयास की कड़ी में पहला संस्करण शुक्रवार को गुवाहटी में आयोजित किया गया, जहां सात राज्यों ने अपने माडल प्रदर्शित किए।
केंद्र सरकार का प्रयास है कि बेहतर माडल के बिंदुओं का संकलन कर ऐसा माडल प्रस्तावित करने का है, जिसे अपनाकर सभी राज्य नागरिक सेवाओं की पहुंच धरातल पर बढ़ा सकें। 'सेवा से समृद्धि: पंचायत के नेतृत्व में सेवा प्रदाय' शीर्षक से क्षेत्रीय कार्यशाला का पहला संस्करण गुवाहटी में आयोजित किया गया। इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की साझेदारी में हुए इस कार्यक्रम में असम, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान और तेलंगाना ने अपने माडल साझा किए।
क्यों अहम है पहल? केंद्र सरकार की ओर से राज्यों से आए पंचायत प्रतिनिधि, अधिकारियों और ग्राम स्तर उद्यमियों को बताया गया कि यह क्षेत्रीय कार्यशाला पंचायतीराज मंत्रालय के व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पंचायत के नेतृत्व में शासन को मजबूत करना और ग्राम स्तर पर नागरिक केंद्रित सार्वजनिक सेवाओं की प्रदाय व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इस पहल का लक्ष्य है कि पंचायतें उत्तरदायी, पारदर्शी और तकनीक सक्षम संस्थान बनें, जो ग्रामीण समुदायों की बदलती आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और ग्रामीण भारत में जीवन की सुगमता को बढ़ा सकें।
पंचायतीराज मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि चार क्षेत्रीय कार्यशालाओं के माध्यम से जमीनी संस्थाओं द्वारा किए गए सफल सेवा प्रदाय प्रयासों को पहचानकर उनका दस्तावेजीकरण किया जाएगा। खबरें और भी
