Lucknow, India

नौकरी के नाम पर बायोमीट्रिक डेटा में सेंध लगा रहे साइबर ठग, गृह मंत्रालय ने जारी की चेतावनी

Published 29 May 2026 · india

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में ऑनलाइन नौकरी की तलाश का चलन तेजी से बढ़ा है। इसी के साथ साइबर ठगों ने भी धोखाधड़ी के नए तरीके विकसित कर लिए हैं। चेहरे की पहचान, आंखों की स्कैनिंग और निजी दस्तावेजों का एआई के जरिये गलत इस्तेमाल करके लोगों के अतिसुरक्षित

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में ऑनलाइन नौकरी की तलाश का चलन तेजी से बढ़ा है। इसी के साथ साइबर ठगों ने भी धोखाधड़ी के नए तरीके विकसित कर लिए हैं। चेहरे की पहचान, आंखों की स्कैनिंग और निजी दस्तावेजों का एआई के जरिये गलत इस्तेमाल करके लोगों के अतिसुरक्षित बायोमीट्रिक डाटा तक पहुंच बनाकर साइबर ठगी की जा रही है। इससे आनेवाले दिनों में फर्जीवाड़ों और वित्तीय फ्राड के मामले बढ़ने की आशंका के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने चेतावनी जारी की है।

मंत्रालय ने आगाह किया है कि आवेदक अच्छी तरह से पुष्टि के बाद ही इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल हों। जरा सा शक होने पर तत्काल साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आइ4सी) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (एनसीटीएयू) ने कहा है कि साइबर अपराधी असली कंपनियों जैसी दिखने वाली फर्जी भर्ती प्रक्रिया तैयार कर रहे हैं। पहले आकर्षक नौकरी का प्रस्ताव दिया जाता है, फिर उम्मीदवारों से वीडियो इंटरव्यू या आनलाइन सत्यापन के नाम पर चेहरे और आंखों की स्कैनिंग कराई जाती है।

अधिकारियों के अनुसार, एआइ आधारित तकनीक की मदद से ठग इन बायोमीट्रिक जानकारियों की नकल कर सकते हैं। इसके जरिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और पहचान संबंधी दस्तावेजों तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश की जा सकती है। इससे वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान चोरी का खतरा बढ़ गया है।साइबर विशेषज्ञों ने युवाओं को भर्ती प्रक्रिया के दौरान बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। अगर कोई कंपनी बिना स्पष्ट कारण के आधार, बैंक विवरण, चेहरा स्कैन या अन्य संवेदनशील जानकारी मांग रही हो तो सावधान हो जाना चाहिए।

असली कंपनियां आमतौर पर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाती हैं और जल्दबाजी में निजी जानकारी साझा करने का दबाव नहीं बनातीं।गृह मंत्रालय ने कहा है कि नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर सबसे पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ईमेल डोमेन और डिजिटल उपस्थिति की जांच करें।

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