Manipur violence: मणिपुर में असम राइफल्स कैंप पर भीड़ का हमला, तीन वाहन फूंके; तलाशी अभियान के बाद भड़की हिंसा
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला था कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चला था कि कुछ हथियारबंद उग्रवादी निर्धारित कैंपों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे। इसे संघर्षविराम (सीजफायर) के नियमों का उल्लंघन माना गया। इस संबंध में सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप (सीएफएमजी) को भी औपचारिक रूप से जानकारी दी गई थी।वहीं, तलाशी अभियान के दौरान जब असम राइफल्स की टीम माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांवों की ओर बढ़ी, तब स्थानीय लोगों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने जवानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की।
इससे इलाके में तनाव बढ़ गया।अधिकारियों के मुताबिक, रात करीब नौ बजे खबर मिली कि सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं और असम राइफल्स कैंप की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों की टीम तलाशी अभियान से वापस लौट आई। इसके बावजूद रात करीब 9:30 बजे बड़ी भीड़ कैंप तक पहुंच गई और पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने कैंप की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ आगजनी की भी कोशिश की।हिंसा के दौरान असम राइफल्स के एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई।
इसके अलावा दो ट्रकों को पलटकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान एक नागरिक की कार भी आग की चपेट में आ गई।स्थिति बिगड़ने पर असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ मिलकर भीड़ को तितर-बितर करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया। इसके बाद सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की अतिरिक्त टीमें मौके पर भेजी गईं, जिसके बाद हालात पर काबू पाया गया।
फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
