क्या इंग्लिश बन चुकी है अपनी भाषा? सुप्रीम कोर्ट ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर दी टिप्पणी
क्या इंग्लिश भी भारत की ही भाषा बन चुकी है? यह सवाल का जवाब कई लोगों के पास नहीं होगा और न ही कोई आम
क्या इंग्लिश भी भारत की ही भाषा बन चुकी है? यह सवाल का जवाब कई लोगों के पास नहीं होगा और न ही कोई आम आदमी यह सवाल कर रहा है. CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने यह सवाल किया है, जिसके बाद से एक नई बहस छिड़ गई है.
दरअसल, कक्षा 6 से लागू होने वाली बोर्ड की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर कोर्ट में बहस चल रही थी. इस दौरान कोर्ट ने कुछ ऐसा सवाल उठाया जिसने छात्रों और अभिभावकों के साथ सिस्टम का भी ध्यान खींच लिया है.
कोर्ट ने कहा कि क्या अंग्रेजी को भी भारत की स्थानीय भाषा माना जा सकता है. उनका यह सवाल इसलिए भी बेहद अहम था क्योंकि आजकल भारतीय युवा का करियर और
जॉब मार्केट अंग्रेजी के इर्द-गिर्द घूम रहा है. कई राज्यों में लोग इंग्लिश ही बोलते हैं, तो चलिए समझते हैं कोर्ट की इस टिप्पणी का एजुकेशन सिस्टम से क्या कनेक्शन है.
