मुंबई में FDA की कार्रवाई: खाद्य सुरक्षा उल्लंघन पर तीन होटलों के लाइसेंस निलंबित, जांच में मिली क्या खामियां?
पहले होटल की जांच सबसे पहले 16 अप्रैल को की गई थी, जिसके बाद उसे 28 अप्रैल को सुधार का नोटिस दिया गया था। इसके
पहले होटल की जांच सबसे पहले 16 अप्रैल को की गई थी, जिसके बाद उसे 28 अप्रैल को सुधार का नोटिस दिया गया था। इसके बाद 13 जुलाई को दोबारा जांच की गई। इस जांच में पाया गया कि पहले बताई गई 25 बड़ी कमियों को सुधारा नहीं गया था। इसके बाद 14 जुलाई को इसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। यहां रसोई का फर्श गीला और फिसलन भरा था। कच्चे माल की खरीद और पीने के पानी की गुणवत्ता की जांच का कोई रिकॉर्ड नहीं था।
इसके अलावा खाना पकाने के तेल की गुणवत्ता का कोई दस्तावेज नहीं मिला। शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को अलग-अलग रखने की व्यवस्था नहीं थी और खिड़कियों पर जाली न होने से कीड़े अंदर आ रहे थे।दूसरे होटल की जांच 13 जुलाई को की गई और गंभीर गंदगी मिलने पर 14 जुलाई को इसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। यहां रसोई के फर्श पर जले हुए काले तेल की मोटी परतें जमी थीं। भोजन बनाने वाली जगह के पास खिड़कियां खुली थीं, जिससे मक्खियां, कीड़े और पक्षी अंदर आ रहे थे।
दीवारों और छतों से पेंट उखड़ रहा था और उन पर भारी ग्रीस जमा था। कच्चे माल का भंडारण अस्वच्छ था, बर्तनों की सफाई नहीं थी और पानी की जांच का कोई रिकॉर्ड नहीं था।तीसरे होटल का लाइसेंस 13 जुलाई को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यहां भोजन, रसायनों और पैकिंग सामग्री को रखने की व्यवस्था ठीक नहीं थी। दरवाजों पर कीड़ों से बचाव की कोई जाली नहीं थी। होटल में जंग लगे और घटिया सामग्री से बने उपकरणों का उपयोग किया जा रहा था।
दीवारों और छतों का प्लास्टर टूटा हुआ था और पेंट उखड़ रहा था। यहां भी भोजन और पानी की जांच का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। एफडीए ने कहा है कि वह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से समझौता करने वाले होटलों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।
