राम मंदिर दान घोटाला: कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी बोले- इस्तीफा नहीं दूंगा, SBI कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप
इस्तीफे की खबरें 'भ्रामक' गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि उनके इस्तीफे की खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा, 'मैं छत्रपति
इस्तीफे की खबरें 'भ्रामक' गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि उनके इस्तीफे की खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा, 'मैं छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुयायी हूं, मैं भागने वालों में से नहीं हूं। जब लड़ने का समय होता है, तब मैदान नहीं छोड़ा जाता'। चंपत राय के इस्तीफे पर क्या बोले? वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह उनका स्वैच्छिक फैसला था। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार इस्तीफा देने के बाद उसे स्वीकार माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय की लापरवाही इस स्थिति की एक वजह रही। दान पेटी के पैसे में गड़बड़ी, बैंक खातों में नहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि गड़बड़ी दान पेटियों में जमा नकदी में हुई है, ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा पैसे सुरक्षित हैं। दान पेटियों की गिनती और हिसाब-किताब स्थानीय ट्रस्टी देखते हैं, जबकि एसबीआई को इस प्रक्रिया को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए नए कड़े नियम उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए ट्रस्ट ने कई कड़े कदम उठाए हैं: बिना जेब वाले कपड़े: पैसे गिनने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने होंगे। पैसे गिनने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने होंगे। सीसीटीवी निगरानी: उन जगहों को ठीक किया गया है जहां कैमरे की नजर नहीं पहुंचती थी।
उन जगहों को ठीक किया गया है जहां कैमरे की नजर नहीं पहुंचती थी। फर्श पर गिनती: अब पैसों की गिनती टेबल के बजाय फर्श पर चटाई बिछाकर होगी, ताकि नोटों के बंडल छिपाए न जा सकें। अब पैसों की गिनती टेबल के बजाय फर्श पर चटाई बिछाकर होगी, ताकि नोटों के बंडल छिपाए न जा सकें। कड़ी चेकिंग: पैसे गिनने वाली जगह पर प्रवेश और निकास के समय सभी की गहन तलाशी ली जाएगी। पैसे गिनने वाली जगह पर प्रवेश और निकास के समय सभी की गहन तलाशी ली जाएगी। संयुक्त निगरानी: पैसे गिनते समय ट्रस्ट के दो प्रतिनिधि और एसबीआई के दो अधिकारी हमेशा मौजूद रहेंगे। 'भगवान राम के खिलाफ अपराध' गोविंद देव गिरी महाराज ने इस घटना को 'भगवान राम के खिलाफ अपराध' बताया और कहा कि इससे ट्रस्ट को गहरा दुख हुआ है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। सोने की चोरी के दावों को बताया गलत दान में मिले सोने के गायब होने और 1400 करोड़ रुपये के नुकसान के दावों को उन्होंने पूरी तरह गलत और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने 2,926 कीमती वस्तुओं का रिकॉर्ड मीडिया के सामने रखा है और दानदाताओं को जांच के लिए आमंत्रित किया है। गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि उनका प्रायश्चित इस्तीफा देना नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को दोबारा न होने देना है।
गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि उनके इस्तीफे की खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा, 'मैं छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुयायी हूं, मैं भागने वालों में से नहीं हूं। जब लड़ने का समय होता है, तब मैदान नहीं छोड़ा जाता'।वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह उनका स्वैच्छिक फैसला था। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार इस्तीफा देने के बाद उसे स्वीकार माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय की लापरवाही इस स्थिति की एक वजह रही।उन्होंने स्पष्ट किया कि गड़बड़ी दान पेटियों में जमा नकदी में हुई है, ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा पैसे सुरक्षित हैं। दान पेटियों की गिनती और हिसाब-किताब स्थानीय ट्रस्टी देखते हैं, जबकि एसबीआई को इस प्रक्रिया को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी।उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए ट्रस्ट ने कई कड़े कदम उठाए हैं:गोविंद देव गिरी महाराज ने इस घटना को 'भगवान राम के खिलाफ अपराध' बताया और कहा कि इससे ट्रस्ट को गहरा दुख हुआ है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।दान में मिले सोने के गायब होने और 1400 करोड़ रुपये के नुकसान के दावों को उन्होंने पूरी तरह गलत और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने 2,926 कीमती वस्तुओं का रिकॉर्ड मीडिया के सामने रखा है और दानदाताओं को जांच के लिए आमंत्रित किया है।
