योगी सरकार में सूरज की तपिश से कैसे गरीब और अमीर को हो रहा फायदा
साल 2023 के आसपास लखनऊ में सोलर डिस्ट्रिब्यूशन की कंपनी चलाने वाले मेरे भाई के एक दोस्त ने हमें छत पर सोलर पैनल लगाने का
साल 2023 के आसपास लखनऊ में सोलर डिस्ट्रिब्यूशन की कंपनी चलाने वाले मेरे भाई के एक दोस्त ने हमें छत पर सोलर पैनल लगाने का आइडिया दिया. मेरे पिता, जो पुराने जमाने के बेहद हिसाब-किताब रखने वाले इंसान हैं, उन्होंने वही किया जो कोई भी समझदार मुखिया करता, उन्होंने तुरंत कैलकुलेटर निकाल लिया.
कुल खर्च ₹2.4 लाख आ रहा था. केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी को जोड़ने के बाद (जिससे कीमत घटकर करीब ₹1.4 लाख रह गई), उन्होंने हिसाब लगाया कि अगर
बिजली बिल में हर महीने ₹1,500 से ₹2,000 की भी बचत होती है, तो तीन से चार साल में लागत वसूल हो जाएगी. उन्होंने दलील देते हुए कहा, "अगर तीन-चार
साल में हमारी लागत निकल आती है, तब तो यह बहुत बढ़िया आइडिया है, लेकिन इसमें 10 साल नहीं लगने चाहिए, क्योंकि तब इस आइडिया का कोई मतलब नहीं रह जाएगा.'
