Supreme Court Update: वकील पर हमले के मामले स्टेटस रिपोर्ट तलब; लालू यादव की जमानत पर दखल देने से SC का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में अधिवक्ता पंकज शर्मा पर कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस को जांच की मौजूदा स्थिति पर
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में अधिवक्ता पंकज शर्मा पर कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस को जांच की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि पंकज शर्मा के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को किसी तरह का खतरा नहीं होना चाहिए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसी दिन शीर्ष अदालत ने एक अन्य मामले में चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाई कोर्ट से मिली जमानत में हस्तक्षेप करने से भी इनकार कर दिया और लंबित अपीलों का छह महीने के भीतर निपटारा करने को कहा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि जांच की प्रगति और पीड़ित की ओर से दर्ज कराई गई दूसरी शिकायत की स्थिति पर भी रिपोर्ट दाखिल की जाए। अदालत ने कहा कि यह रिपोर्ट पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से कम रैंक के अधिकारी द्वारा दाखिल नहीं की जानी चाहिए।मामले का उल्लेख करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के सदस्य अधिवक्ता पंकज शर्मा पर 11 जुलाई को उनके घर में घुसकर हमला किया गया था। इस हमले में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और आठ टांके लगाने पड़े।विकास सिंह ने बताया कि पंकज शर्मा ने घर में घुसकर मारपीट किए जाने के संबंध में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई थी।
लेकिन अगले ही दिन आरोपी दोबारा उनके घर पहुंचे और उन्हें तथा उनके परिवार को धमकाया। उन्होंने अदालत से कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट के एक वकील के साथ ऐसा हो सकता है, तो देश के आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।पंकज शर्मा की ओर से दायर रिट याचिका में कहा गया है कि 11 जुलाई 2026 को उन पर बर्बर हमला किया गया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और आठ टांके लगाने पड़े। याचिका में आरोप लगाया गया कि स्थानीय नेता से करीबी संबंध रखने वाले आरोपी के प्रभाव में दिल्ली पुलिस न तो आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई कर रही है और न ही पीड़ित को सुरक्षा उपलब्ध करा रही है।
इसमें यह भी कहा गया कि 12 जुलाई को आरोपियों ने दोबारा पंकज शर्मा और उनके परिवार पर हमला करने की कोशिश की।सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, जांच किसी उपयुक्त एजेंसी को सौंपने, अधिवक्ता पंकज शर्मा और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
