लाइब्रेरी जॉब में थी 15 हजार सैलरी, 'झाड़ू-पोछा' में डबल से ज्यादा
किरन ने अपने जीवन में ट्यूशन पढ़ाने से लेकर स्कूल की लाइब्रेरी और कंपनियों में 12-12 घंटे की नौकरियां कीं. लेकिन आज वह किसी दफ्तर
किरन ने अपने जीवन में ट्यूशन पढ़ाने से लेकर स्कूल की लाइब्रेरी और कंपनियों में 12-12 घंटे की नौकरियां कीं. लेकिन आज वह किसी दफ्तर में नहीं, बल्कि ऑनलाइन डिजिटल ऐप्स के जरिए घरों में झाड़ू-पोछा, डस्टिंग और कुकिंग जैसे 'गिग वर्क' करके अपनी पुरानी सैलरी से दोगुना से भी ज्यादा कमा रही हैं. समय के साथ आए इस डिजिटल बदलाव ने कैसे एक महिला के बड़े संघर्ष को सफलता में बदला, आइए जानते हैं.
