कहां फटेगा बादल? भारतीय वैज्ञानिकों ने ढूंढ लिया इसका जवाब
हर साल मॉनसून में पहाड़ों पर बादल फटने, अचानक तेज बारिश और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनती हैं. ऐसे में
हर साल मॉनसून में पहाड़ों पर बादल फटने, अचानक तेज बारिश और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बनती हैं. ऐसे में अगर पहले से पता चल जाए कि किस इलाके में ज्यादा खतरा है, तो लोगों की जान बचाई जा सकती है.
नुकसान भी कम किया जा सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय वैज्ञानिकों ने नया क्लाइमेट मॉडल तैयार किया है. उनका कहना है
कि यह मॉडल पहले से बेहतर तरीके से बता सकता है कि पश्चिमी हिमालय के किन इलाकों में बादल फट सकता है, या बहुत तेज
बारिश का खतरा हो सकता है.
