नौवीं-10वीं के सात फीसदी छात्र पूरी नहीं कर पाते स्कूली शिक्षा, UP समेत किन राज्यों के प्रदर्शन में सुधार?
हालांकि, उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की स्थिति इन राज्यों की तुलना में बेहतर है। क्योंकि, यूपी
हालांकि, उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की स्थिति इन राज्यों की तुलना में बेहतर है। क्योंकि, यूपी का ड्रॉपआउट महज 8.4, बिहार नौ फीसदी, मध्य प्रदेश 13 तो राजस्थान 8.8 फीसदी है। अधिकारी ने कहा, स्कूली शिक्षा की रिपोर्ट में पिछले वर्षों में देश की स्कूली शिक्षा के ड्रॉपआउट में बेशक सुधार हुआ है। प्रयासों में उतना सुधार नहीं दिख रहा है।वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट में प्रारंभिक, मध्य और माध्यमिक तीनों में ड्रॉपआउट कम तो हो रहा है।
लेकिन माध्यमिक स्तर की स्थिति अभी भी चिंताजनक है। क्योंकि, माध्यमिक स्तर पर सात फीसदी ड्रॉपआउट है, जोकि पिछले साल के मुकाबले महज 1.2 फीसदी ही कम हुआ है। यह 2022-23 में 13.8 फीसदी था, जो 2023-24 में करीब तीन फीसदी तक कम होकर 10.9 फीसदी रह गया था। इसके बाद, 2024-25 में भी दो फीसदी तक ड्रॉपआउट कम होने में सुधार हुआ था। मध्य स्तर पर यह ड्रॉपआउट 2022 में 8.1 फीसदी से घटकर 3.6 हो गया।
जबकि प्रारंभिक में 2022 में 8.7 फीसदी से घटकर अब सीधे 1.8 फीसदी रह गया है।सरकार की 16 मार्च 2026 को संसद में पेश रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 तक माध्यमिक स्तर पर यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब में लगातार ड्रॉपआउट कम हो रहा है। यूपी में 2020-21 के 13.2 से घटकर अब 8 फीसदी तक रह गया है। हालांकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 5.1 फीसदी रह गया था।उत्तराखंड में अब 2024-25 में 6.9 फीसदी से तीन फीसदी, पंजाब 11.1 से 5.2 फीसदी, हरियाणा में 8.9 से घटकर 4.1 फीसदी, हिमाचल प्रदेश में 7.1 फीसदी से घटकर 4.8 फीसदी रह गया है।
हालांकि जम्मू कश्मीर 4.6 फीसदी से बढ़कर 12.2 फीसदी,दिल्ली में 5.1 फीसदी से बढ़कर 5.8 फीसदी तो चंडीगढ़ शून्य से अब बढ़कर 1.1 तक पहुंचा था।
