Andhra Pradesh: एआई आधारित CCTV360 तकनीक का कमाल, खोजे गए 80 चोरी के वाहन और 73 लापता लोग; 52 आरोपी गिरफ्तार
सरकार ने बताया कि रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) ने राज्य भर में 14,750 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा है। यह
सरकार ने बताया कि रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) ने राज्य भर में 14,750 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा है। यह सिस्टम एआई की मदद से वाहनों की आवाजाही और उनके आने-जाने के तरीकों का विश्लेषण करता है। चोरी के वाहन का नंबर सिस्टम में डालते ही एआई कैमरे उस पर नजर रखने लगते हैं। जैसे ही वह वाहन किसी कैमरे के सामने से गुजरता है, पुलिस को तुरंत अलर्ट मिल जाता है। इससे जांच का समय बहुत कम हो जाता है।हाल ही में गुंटूर के पट्टाभीपुरम थाना क्षेत्र से एक स्कूटर चोरी हुआ था।
पुलिस ने उसका नंबर सीसीटीवी360 सिस्टम में दर्ज किया। एआई प्लेटफॉर्म ने गुंटूर के एक मुख्य चौराहे पर इस स्कूटर को पहचान लिया और तुरंत अलर्ट भेजा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने सात और गाड़ियां चोरी करने की बात कबूल की। इस तरह एक ही जांच से चोरी के कई मामले सुलझ गए।एक अन्य मामले में बापटला जिले के चिराला में फुटपाथ पर सो रही मां के पास से छह महीने के बच्चे का अपहरण हो गया था।
मामले में पुलिस ने कई जगहों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। इस सिस्टम की मदद से आरोपी के रास्तों का पता लगाया गया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित बचा लिया।यह तकनीक लापता लोगों को खोजने में भी बहुत उपयोगी साबित हुई है। हाल ही में मायलावरम से लंबे समय से लापता एक महिला का पता लगाया गया। एसआर पेटा थाने में शिकायत दर्ज होने के ही दिन एक लापता लड़की को ढूंढ लिया गया।
रेड्डीगुडेम में एक लापता व्यक्ति के वाहन की पहचान कर उसे सुरक्षित बचाया गया। विजयवाड़ा और नंदीगामा में भी इस तकनीक से चोरी के वाहन बरामद किए गए हैं। सरकार का कहना है कि सीसीटीवी360 की सफलता यह दिखाती है कि कैसे मजबूत सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और सक्रिय पुलिसिंग के साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शासन को मजबूत बना सकती है।
