रूस-ईरान-उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो में किया करोड़ों का लेन-देन
अमेरिका और पश्चिमी देश लंबे समय से आर्थिक प्रतिबंध लगाकर अपने विरोधी देशों को दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से बाहर रखते आए हैं. लेकिन हालिया
अमेरिका और पश्चिमी देश लंबे समय से आर्थिक प्रतिबंध लगाकर अपने विरोधी देशों को दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से बाहर रखते आए हैं. लेकिन हालिया आंकड़े दिखाते हैं कि इन पाबंदियों के बावजूद क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. ब्लॉकचेन पर नजर रखने वाली कंपनी चेनालिसिस (Chainalysis) की 2026 की रिपोर्ट बताती है कि 2025 में प्रतिबंधित संस्थाओं और नेटवर्कों से जुड़ी क्रिप्टो गतिविधि लगभग 104 अरब डॉलर (करीब 9.92 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गई. रिपोर्ट में रूस, ईरान और उत्तर कोरिया से जुड़े नेटवर्कों की बढ़ती गतिविधियों का भी साफ तौर पर उल्लेख किया गया है.
