तमिलनाडु हॉर्स ट्रेडिंग विवाद: DMK ने राज्यपाल को सौंपे नए सबूत, क्या बढ़ने वाली हैं सीएम विजय की मुश्किलें?
डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती ने बताया कि ये दस्तावेज एक जुलाई को दी गई शिकायत के पूरक सबूत हैं। उन्होंने कहा कि यही
डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती ने बताया कि ये दस्तावेज एक जुलाई को दी गई शिकायत के पूरक सबूत हैं। उन्होंने कहा कि यही दस्तावेज सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) को भी दिए गए हैं, ताकि मामले की जांच हो सके। अब सवाल उठ रहा है कि क्या तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की मुश्किलें बढ़ने वाली है।डीएमके ने राज्यपाल को दिए गए दस्तावेजों में एमडीएमके प्रमुख वाइको के उस बयान का जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था।
इसके अलावा करूर के पूर्व एआईएडीएमके विधायक एमआर विजयभास्कर के पहले दिए गए बयान को भी सबूत के तौर पर पेश किया गया है।एमआर विजयभास्कर ने हाल ही में एआईएडीएमके छोड़कर सी जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) का दामन थामा है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था कि टीवीके ने उनसे संपर्क किया था। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से एआईएडीएमके छोड़ी और टीवीके में शामिल हुए।आरएस भारती ने कहा कि पार्टी राज्यपाल और जांच एजेंसियों को कार्रवाई के लिए कुछ समय देगी।
अगर इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो डीएमके अदालत का रुख करेगी। उनका कहना है कि पार्टी इस मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएगी।डीएमके का आरोप है कि विपक्षी दलों के विधायकों को टीवीके के पक्ष में लाने की कोशिश की गई। इसी आरोप को लेकर पार्टी पहले भी शिकायत कर चुकी है। अब उसने नए दस्तावेज और नेताओं के बयानों को सबूत बताते हुए राज्यपाल और डीवीएसी से जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, टीवीके ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और विजयभास्कर भी अपने पहले दिए गए बयान पर सफाई दे चुके हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच एजेंसियां और राजभवन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।
