भारत-अमेरिका व्यापार डील: बातचीत में कोई अड़चन या सब कुछ ठीक, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने क्या कहा?
पीयूष गोयल का खंडन: वाणिज्य मंत्री ने गतिरोध की मीडिया रिपोर्ट को पूरी तरह झूठा और निराधार करार दिया। फ्रेमवर्क पूरी तरह तैयार: वाणिज्य सचिव
पीयूष गोयल का खंडन: वाणिज्य मंत्री ने गतिरोध की मीडिया रिपोर्ट को पूरी तरह झूठा और निराधार करार दिया। फ्रेमवर्क पूरी तरह तैयार: वाणिज्य सचिव के अनुसार भारत-अमेरिका फ्रेमवर्क डील तैयार है और भारत हस्ताक्षर के लिए पूरी तरह राजी है। लगातार द्विपक्षीय दौरे: मई में भारतीय टीम ने अमेरिका का दौरा किया और जून में अमेरिकी टीम समीक्षा के लिए भारत आई। वैश्विक टैरिफ पर नजर: अमेरिका द्वारा आईईईपीए टैरिफ हटाए जाने के बाद चल रही समानांतर जांच और चर्चाओं में भारत सक्रिय रूप से शामिल है। मजबूत व्यापारिक प्रवाह: वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के बावजूद दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार बिना रुके मजबूत बना हुआ है।
उन्होंने जून में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर की नई दिल्ली यात्रा के दौरान हुई मुलाकातों का भी जिक्र किया। गोयल ने कहा, 'मेरी यूएसटीआर जेमिसन ग्रीर के साथ जून में दिल्ली में शानदार बैठकें हुई थीं। दोनों पक्षों ने एक ऐसे समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया जो संतुलित हो, व्यावसायिक रूप से सार्थक हो और दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों तथा उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ पहुंचाए।" उन्होंने साफ किया कि दोनों देशों की टीमें इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह से जुटी हुई हैं।वहीं, सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने भी बातचीत की जमीनी हकीकत सामने रखी है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने जून 2026 के व्यापार आंकड़े जारी करने के लिए बुलाई गई मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'हमें भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की बातचीत में कोई चुनौती या अड़चन नजर नहीं आ रही है।' अग्रवाल ने बताया कि दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में बेहद सक्रिय और नियमित बातचीत हुई है, जिसके तहत मई में भारतीय टीम ने अमेरिका का दौरा किया था और जून में अमेरिकी टीम भारत आई थी।वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने वैश्विक व्यापार के व्यापक माहौल पर बात करते हुए स्वीकार किया कि अमेरिकी टैरिफ कार्रवाइयों ने कई वैश्विक साझेदारों के लिए अनिश्चितता की स्थिति जरूर पैदा की है।
उन्होंने कहा, 'आईईईपीए टैरिफ खत्म हो चुका है। अब वे फिर से अन्य देशों के साथ चर्चा कर रहे हैं और उनकी समानांतर जांच चल रही है।"भारत भी इन प्रक्रियाओं और वार्ताओं का हिस्सा बन चुका है। अग्रवाल ने यह भी कहा कि भारत इन सभी परामर्शों में शामिल हो गया है और सब कुछ सही
दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का मानना है कि इस अंतिम समझौते से निर्यातकों और आयातकों दोनों को एक स्थिर और सुरक्षित माहौल मिलेगा। फिलहाल कोई अंतिम तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि दोनों देशों के बीच सुलझाने के लिए अब कोई बड़ा वैचारिक मतभेद नहीं बचा है।
