पिस्टल लहराते बोला- जज का बेटा हूं, गोली मार दूंगा:चंडीगढ़ के क्लब में छात्र को पीटा, मुक्के-लातें मारी, सिर पर मेज फेंकी; Video सामने आया
चंडीगढ़ में क्लब में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। फ्रांस में पढ़ाई कर रहे छात्र के साथ मारपीट की गई। छात्र ने कहा
चंडीगढ़ में क्लब में मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। फ्रांस में पढ़ाई कर रहे छात्र के साथ मारपीट की गई। छात्र ने कहा कि आरोपियों ने पहले उसकी उंगलियां जोर से मरोड़ीं, फिर चेहरे और सिर पर लगातार मुक्के-लात बरसाए। सिर पर लोहे के कड़े और मेज से हमला किया गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसके बाएं कान से सुनाई देना बंद हो गया। इसके बाद आरोपी क्लब से बाहर गया और कार से पिस्टल निकालकर लहराई। आरोपी ने खुद को जज का बेटा बताते हुए उसे और उसके परिवार को गोली मारने की धमकी दी। फिर क्लब के बाहर बीएमडब्ल्यू से उसे कुचलने की भी कोशिश की।
इसके दौरान कई कारों को भी टक्कर मारी। पुलिस ने छात्र की शिकायत के आधार पर 5 लोगों के खिलाफ के केस दर्ज कर लिया है। इसमें पंजाबी सिंगर करण औजला के मैनेजर बलदीप सिंह सराओ उर्फ बाली और 9 मई 2022 को मोहाली में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर हमले के आरोपी जगदीप सिंह कंग उर्फ जग्गी का नाम शामिल है। जानिए युवक ने पुलिस को क्या बताया…. 5 लोगों पर FIR, जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलने पर सेक्टर-26 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल को इलाज के लिए सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने अस्पताल में उसकी मेडिकल लीगल रिपोर्ट (एमएलआर) प्राप्त की।
इसके बाद लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी, जिसके आधार पर केस दर्ज किया गया। पुलिस ने अनिकेत गुप्ता, जगदीप सिंह कंग उर्फ जग्गी, बलदीप सिंह सराओ उर्फ बाली और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 191(3), 189, 115(1), 351(3), 281 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) आंचल कुमारी को सौंपी गई है। आरपीजी हमला क्या है….जिसमें जग्गी आरोपी 9 मई 2022 को मोहाली के सेक्टर-77 स्थित पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर हुए रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) हमले से जुड़ा है। इस हमले में किसी की जान नहीं गई थी, लेकिन इसे पंजाब में हुई एक बड़ी आतंकी घटना माना गया था।
इसमें जगदीप सिंह कंग उर्फ जग्गी का नाम शामिल है। जांच के दौरान सामने आया कि इस हमले के पीछे खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) की भूमिका थी। इन संगठनों ने कथित तौर पर गैंगस्टर नेटवर्क के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 20 सितंबर 2022 को इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई थी। **************