कागज में छात्र, हकीकत में सन्नाटा: चार वर्षों तक 'घोस्ट हॉस्टलों' पर बरसता रहा पैसा, एक जांच से कैसे खुला राज?
महाराष्ट्र में सरकारी धन के दुरुपयोग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जर्जर इमारतें, बंद पड़े हॉस्टल और धूल से ढके खाली बिस्तर… लेकिन
महाराष्ट्र में सरकारी धन के दुरुपयोग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जर्जर इमारतें, बंद पड़े हॉस्टल और धूल से ढके खाली बिस्तर… लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में सब कुछ सामान्य दिखाया जाता रहा। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य के छह ऐसे "घोस्ट हॉस्टल" (सिर्फ कागजों पर संचालित हॉस्टल) को, जहां एक भी छात्र नहीं रह रहा था, वहां भी चार वर्षों तक कुल 1.62 करोड़ रुपये की सरकारी फंडिंग जारी की गई।
