Lucknow, India

कर्नाटक में 4 डिप्टी सीएम हो सकते हैं:शिवकुमार CM होंगे, शपथ अगले हफ्ते संभव; सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर

Published 29 May 2026 · india

कर्नाटक में 4 डिप्टी सीएम हो सकते हैं: शिवकुमार CM होंगे, शपथ अगले हफ्ते संभव; सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर बेंगलुरु 2 मिनट पहले सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 को कर्नाटक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। शुक्रवार को

कर्नाटक में 4 डिप्टी सीएम हो सकते हैं: शिवकुमार CM होंगे, शपथ अगले हफ्ते संभव; सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर बेंगलुरु 2 मिनट पहले सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 को कर्नाटक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। शुक्रवार को बेंगलुरु पहुंचे राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने नोटिफिकेशन जारी किया। अब मौजूदा डिप्टी CM डीके शिवकुमार प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। तब तक सिद्धारमैया कार्यवाहक CM रहेंगे। इधर, इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली पहुंचे। सिद्धारमैया ने सोनिया-राहुल से मुलाकात की। इसके बाद वे मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने गए। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक पार्टी सूत्रों ने कहा है कि डीके अगले हफ्ते नए मंत्रियों के साथ शपथ ले सकते हैं। साथ ही सरकार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए 4 डिप्टी CM भी बनाए जा सकते हैं। इससे पहले कांग्रेस हाई कमान के निर्देश पर सिद्धारमैया ने 28 मई को पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन राज्यपाल के शहर में न होने के कारण यह मंजूर नहीं हो सका था। इस्तीफे के ऐलान से पहले की 2 तस्वीरें… सिद्धारमैया के घर ब्रेकफास्ट मीटिंग में पहुंचे डीके शिवकुमार ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। सिद्धारमैया ने डीके को गले लगा लिया। इसके बाद उन्होंने साथ में ब्रेकफास्ट किया। नई कैबिनेट में 4 डिप्टी सीएम संभावित, खड़गे-सिद्धारमैया के बेटे भी रेस में पार्टी सूत्रों की मानें तो CM के साथ-साथ कैबिनेट भी बदलेगी। करीब 10 मंत्री हटाए जा सकते हैं। शिवकुमार कैबिनेट में सिद्धारमैया और मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे समेत चार उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। दावा किया जा रहा है कि नए मंत्री डिप्टी सीएम सिद्धारमैया की पसंद के होंगे। इनके नामों पर मुहर लगवाने के लिए ही सिद्धारमैया दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके साथ-साथ डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया के बेटे और विधान परिषद सदस्य (MLC) यतींद्र को DK कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, ताकि सिद्धारमैया की विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जा सके।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और राज्य कैबिनेट में मंत्री प्रियंक खड़गे को भी डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इनके अलावा 2 और डिप्टी सीएम होंगे। हालांकि यह पहला मौका नहीं है कि किसी राज्य में एक साथ इतने डिप्टी सीएम बनाए जाएंगे। इससे पहले 2019 में आंध्र प्रदेश के पूर्व CM जगन मोहन ने 5 डिप्टी सीएम के साथ शपथ ली थी। राज्यसभा नहीं जाएंगे पूर्व CM सिद्धारमैया मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 28 मई को दोपहर 3 बजे अपने कैबिनेट सहयोगियों और डीके शिवकुमार के साथ बेंगलुरु में ‘लोक भवन’ पहुंचे। हालांकि राज्यपाल थावरचंद गहलोत निजी कारणों से नागदा (मप्र) गए हुए थे, इसलिए सिद्धारमैया ने त्यागपत्र राज्यपाल के स्पेशल सेक्रेटरी प्रभु शंकर को सौंपा। इसके बाद सिद्धारमैया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पार्टी हाईकमान मुझे राज्यसभा जाने के लिए कह रहा है, लेकिन मैंने मना कर दिया है। मैं विधायक के रूप में बना रहूंगा। राज्यसभा के समीकरणों पर भी नजर कर्नाटक में राज्यसभा की जिन चार सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से कांग्रेस दो सीटें आसानी से जीत सकती है, और तीसरी सीट पर भी उसे बढ़त हासिल है, जहाँ उसे बस कुछ और वोटों की जरूरत है। सूत्रों ने बताया कि AICC प्रभारी रणदीप सुरजेवाला तीन में से दो राज्यसभा सीटों के लिए नामों का पैनल सौंपेंगे, और खड़गे को राज्यसभा में एक और कार्यकाल दिया जाएगा। राज्य में MLC की सात सीटों पर होने वाले चुनावों के लिए भी संभावित नामों का एक पैनल शीर्ष नेतृत्व को सौंपा जाएगा। सिद्धारमैया 3 साल पहले रोटेशनल फॉर्मूला से बने थे सीएम कर्नाटक विधानसभा के रिजल्ट 13 मई, 2023 को आए थे। कांग्रेस ने AHINDA फॉर्मूले के दम पर चुनाव जीता था। AHINDA का मतलब है, A – अल्पसंख्यक, HI – हिंदुलिदा (पिछड़े वर्ग), DA – दलित। सिद्धारमैया खुद ओबीसी की कुरुबा जाति से आते हैं, इसलिए पिछड़े वर्ग का बड़ा समर्थन कांग्रेस के साथ रहा। सिद्धारमैया ने 135 विधायकों में से 90 का समर्थन का दावा किया था।

वहीं, डीके शिवकुमार का दावा था कि उसने पार्टी को मुश्किल दौर से बाहर निकाला। इसके लिए उन्होंने मेहनत की। इसमें लिंगायत और वोक्कालिगा समुदाय ने साथ दिया। दोनों के अड़े रहे। इससे कांग्रेस आलाकमान को मुख्यमंत्री तय करने में 7 दिन लगे थे। शपथ 20 मई को हो सकी। इस बीच खबरें आईं कि दिल्ली में कई दौर की बैठकों के बाद दोनों के बीच 'ढाई-ढाई साल के सीएम' फॉर्मूले पर सहमति बनी। हालांकि कांग्रेस ने इसे आधिकारिक रूप से कभी नहीं माना। 3 साल की खींचतान 3 दिन में खत्म हुई 26 मई को आलाकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार को दिल्ली तलब किया। राहुल-खड़गे के साथ एक दिन में तीन बैठकें हुईं। 26 मई: सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली तलब किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ लंबी चर्चा हुई। सीएम शाम को बेंगलुरु रवाना हो गए। दैनिक भास्कर के सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने पद से हटने के लिए मना कर दिया। धमकी दी कि वे अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग हो जाएंगे। कहा गया कि उन्हें राज्यसभा जाने और पार्टी में बड़ी भूमिका देने को कहा गया, हालांकि सिद्धारमैया ने राज्यसभा जाने से मना कर दिया। सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली तलब किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ लंबी चर्चा हुई। सीएम शाम को बेंगलुरु रवाना हो गए। दैनिक भास्कर के सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने पद से हटने के लिए मना कर दिया। धमकी दी कि वे अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग हो जाएंगे। कहा गया कि उन्हें राज्यसभा जाने और पार्टी में बड़ी भूमिका देने को कहा गया, हालांकि सिद्धारमैया ने राज्यसभा जाने से मना कर दिया। 27 मई: सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि वे 28 मई को ऐलान करेंगे। इससे पहले वह अपनी कैबिनेट के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग करेंगे।

सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि वे 28 मई को ऐलान करेंगे। इससे पहले वह अपनी कैबिनेट के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग करेंगे। 28 मई: सिद्धारमैया ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले अपने सभी मंत्रियों से मिले। आलाकमान ने क्यों फैसला लिया सिद्धारमैया सरकार वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन घोटाला जैसे मामलों में घिर चुकी है। पार्टी हाईकमान का मानना है कि समय रहते नेतृत्व बदलने से मंत्रियों के खिलाफ पैदा हो रही ‘एंटी-इंकम्बेंसी’ को खत्म किया जा सकता है। डीके के पास 1400 करोड़ की संपत्ति, मनी लॉन्ड्रिंग केस में तिहाड़ भी जा चुके कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में हैं। उनके पास ₹1413 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। वह रियल एस्टेट, खनन, होटल कारोबारी भी हैं। दिलचस्प ये है कि इतनी संपत्ति के बावजूद उनके चुनावी हलफनामे में एक टोयोटा क्वालिस कार दर्ज है। 263 करोड़ का कर्ज भी है। 1962 में बेंगलुरु के पास कनकपुरा में जन्मे डीके वोक्कालिगा समुदाय से हैं। वह कनकपुरा से ही विधायक हैं। कांग्रेस में उनकी पहचान ऐसे नेता की है जो पार्टी विधायकों को टूटने से बचाते हैं। किसी भी बड़े ऑपरेशन, चुनाव मैनेजमेंट, प्रचार या गुप्त रणनीतियों के लिए जिस वित्तीय और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट की जरूरत होती है, उसे वे बखूबी मैनेज कर लेते हैं। डीके पर 19 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईडी उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के दो केस में जांच कर रही है। 2017 में आयकर विभाग के छापे में इनके घर 8.5 करोड़ रु. मिले थे। इसी केस में वह 2019 में गिरफ्तार हुए। उन्हें 50 दिन तिहाड़ में बिताने पड़े थे। सीबीआई आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में जांच कर रही है। कर्नाटक की राजनीति से जुड़ी

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