Lucknow, India

वैश्विक मंदी के बीच राहत की खबर: भारत बना रहेगा मजबूत अर्थव्यवस्था, 6.5 फीसदी रह सकती है विकास दर

Published 29 May 2026 · world

पीटीआई, नई दिल्ली। दुनियाभर के मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि अगले एक साल में वैश्विक आर्थिक विकास धीमा होगा, लेकिन भारत एक ऐसे क्षेत्र के तौर पर सबसे अलग है जहां विकास की उम्मीदें सबसे ज्यादा हैं। वर्ल्ड इकोनमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) ने गुरुवार को एक सर्वे में यह बात

पीटीआई, नई दिल्ली। दुनियाभर के मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि अगले एक साल में वैश्विक आर्थिक विकास धीमा होगा, लेकिन भारत एक ऐसे क्षेत्र के तौर पर सबसे अलग है जहां विकास की उम्मीदें सबसे ज्यादा हैं। वर्ल्ड इकोनमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) ने गुरुवार को एक सर्वे में यह बात कही।

अपने ताजा 'चीफ इकोनमिस्ट्स आउटलुक' में डब्ल्यूईएफ ने कहा कि सर्वे में शामिल लगभग दस में से नौ मुख्य अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि आने वाले साल में वैश्विक विकास धीमा होगा। हालांकि, सिर्फ 13 प्रतिशत लोगों को लगता है कि वैश्विक मंदी आ सकती है। सर्वे के मुताबिक, 94 प्रतिशत लोगों को उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक महंगाई बढ़ेगी, जिससे ऊर्जा और खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ेंगी और सप्लाई चेन में रुकावट आएगी।

मुख्य अर्थशास्त्रियों ने स्ट्रेट आफ होर्मुज के मौजूदा समय तक बंद रहने की स्थिति को पिछले साल की टैरिफ (शुल्क) से जुड़ी उथल-पुथल के मुकाबले कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। सर्वे में कहा गया है कि इस संकट का सबसे ज्यादा असर पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्रों पर पड़ने की उम्मीद है।

इसके विपरीत भारत और अमेरिका के घरेलू मांग और निवेश के सहारे अपेक्षाकृत मजबूत बने रहने की उम्मीद है।

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