खास उपहारों में दिखी सांस्कृतिक झलक: PM मोदी ने लक्सन को दी हॉकी स्टिक, अल्बनीज-सुबियांतो को दिया क्या तोहफा?
अपनी यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को पीएम मोदी ने प्राचीन 'ढोकरा' कला से बनी नाव की धातु की मूर्ति भेंट की
अपनी यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को पीएम मोदी ने प्राचीन 'ढोकरा' कला से बनी नाव की धातु की मूर्ति भेंट की, जो आपसी सहयोग और प्रगति का प्रतीक है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय शास्त्रीय और पश्चिमी संगीत के अनूठे संगम वाले 'कोलोनियल कजिन्स' संगीत एल्बम का विशेष विनाइल संस्करण और भारत के विभिन्न क्षेत्रों की बेहतरीन कॉफी से भरा 'इंडियन प्रीमियम कॉफी बॉक्स' भी उपहार में दिया। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच यूरेनियम निर्यात, नवीकरणीय ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
पीएम अल्बनीज ने पीएम मोदी को दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु बताया। मेलबर्न में पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित किया था।न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को पीएम मोदी ने भारतीय महिला हॉकी टीम के हस्ताक्षर वाली एक हॉकी स्टिक भेंट की, जो न्यूजीलैंड में आयोजित एफआईएच महिला नेशंस कप में टीम की ऐतिहासिक जीत की याद दिलाती है। इसके अलावा उन्होंने लक्सन को उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक पारंपरिक 'उत्तराखंडी पहाड़ी टोपी' भी भेंट की। ऑकलैंड में पीएम मोदी का पारंपरिक माओरी रीति-रिवाज से स्वागत किया गया।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' में बदलने और साल 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा। इस दौरान रक्षा, डेयरी और आपदा प्रबंधन सहित कई क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को पीएम मोदी ने उत्तराखंड की पारंपरिक 'ऐपण' लोक कलाकृति भेंट की, जो भगवान शिव को समर्पित है। इसके साथ ही उन्होंने असम की दुर्लभ 'मनोहरी गोल्ड टी', कश्मीर का हस्तनिर्मित 'पेपर-मैशे बाउल' और हाथी व कमल के डिजाइनों वाली चांदी की नक्काशीदार प्लेट भी उपहार में दी।
वहीं, इंडोनेशियाई संसद के स्पीकर को ओडिशा की प्रसिद्ध 'इकत' (बांधा) सिल्क साड़ी भेंट की गई। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति सुबियांतो ने दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और समुद्री सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
