MEA: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत में एक दिन का राष्ट्रीय शोक, केंद्र सरकार का एलान
केंद्र सरकार ने कतर फादर कहे जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की
केंद्र सरकार ने कतर फादर कहे जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में सोमवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को दी।शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। इसकी घोषणा कतर की सर्वोच्च सरकारी संस्था 'अमीरी दीवान' ने रविवार को की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के 'फादर अमीर' शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने इसे अत्यंत पीड़ादायक बताया है। प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम (भारत) कतर के फादर अमीर, महामहिम शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं।
वह एक दूरदर्शी नेता थे, जिनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के नए आयाम हासिल किए। हम उन्हें एक सच्चे मित्र के रूप में भी याद करते हैं, जिनसे मुझे फरवरी 2024 में अपनी कतर यात्रा के दौरान मिलने का सम्मान प्राप्त हुआ था। शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे लिखा, "मैं कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हमद अल थानी, पूरे शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। कौन हैं शेख हमद? शेख हमद ने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया।
उन्हें देश के आधुनिक विकास का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। उनके शासनकाल में कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पहचान और प्रभाव काफी बढ़ा। उनके नेतृत्व में खाड़ी का यह देश दुनिया के सबसे समृद्ध और प्रभावशाली देशों में से एक बन गया। जून 1995 में शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने बिना ब्लडलेस पैलेस कू (बिना किसी रक्तपात के महल में तख्तापलट) के माध्यम से अपने पिता शेख खलीफा बिन हमद अल थानी से सत्ता अपने हाथ में ले ली।अपने 18 वर्षों के शासनकाल (1995–2013) के दौरान उन्होंने कतर के विशाल प्राकृतिक गैस उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की।
इसके परिणामस्वरूप कतर प्रति व्यक्ति आय के आधार पर दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल हो गया। साथ ही, उन्होंने कतर की विदेश नीति को भी अधिक सक्रिय और प्रभावशाली बनाया, जिससे देश की वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कूटनीतिक पहचान मजबूत हुई।
