तांत्रिक, टोटके और प्रताड़ना: बहू के आरोपों से घिरा पूर्व सांसद विनायक राउत का परिवार, सच या करोड़ों की साजिश?
10 जून को एफआईआर: कापूरबावड़ी पुलिस ने गिरिजा राउत की शिकायत पर मामला दर्ज किया। कापूरबावड़ी पुलिस ने गिरिजा राउत की शिकायत पर मामला दर्ज
10 जून को एफआईआर: कापूरबावड़ी पुलिस ने गिरिजा राउत की शिकायत पर मामला दर्ज किया। कापूरबावड़ी पुलिस ने गिरिजा राउत की शिकायत पर मामला दर्ज किया। कड़ी धाराओं में केस: आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र के अंधविश्वास एवं काला जादू विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और महाराष्ट्र के अंधविश्वास एवं काला जादू विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। इलाज को लेकर आरोप: पीड़िता का कहना है कि उचित चिकित्सा उपचार के बजाय उन्हें होम इनसेमिनेशन (कृत्रिम गर्भाधान) की सलाह दी गई। पीड़िता का कहना है कि उचित चिकित्सा उपचार के बजाय उन्हें होम इनसेमिनेशन (कृत्रिम गर्भाधान) की सलाह दी गई। तलाक का मामला पहले से लंबित: विनायक राउत का कहना है कि पति-पत्नी के बीच पहले से ही अदालत में तलाक का मामला चल रहा है। विनायक राउत का कहना है कि पति-पत्नी के बीच पहले से ही अदालत में तलाक का मामला चल रहा है। करोड़ों रुपये मांगने का आरोप: राउत का दावा है कि बहू ने पहले 3-बीएचके फ्लैट, कार और पांच करोड़ रुपये मांगे थे।
बाद में पांच लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता और 12 करोड़ रुपये की मांग की गई। गिरिजा राउत के अनुसार, उनकी शादी दिसंबर 2017 में विनायक राउत के बेटे गीतेश राउत से हुई थी। उनका आरोप है कि शादी से पहले परिवार ने पति की चिकित्सकीय स्थिति की जानकारी छिपाई। जब उन्होंने इस पर सवाल उठाया तो उनके साथ भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, केन्या और थाईलैंड की यात्राओं के दौरान भी मारपीट की गई।शिकायत में कहा गया है कि परिवार ने दांपत्य जीवन में कथित बाधा दूर करने के नाम पर दो तांत्रिकों को बुलाया, जिन्होंने उनके साथ अशोभनीय और अघोरी कृत्य किए। बहू ने यह भी आरोप लगाया है कि सास ने उन्हें ऐसी दवाइयां दीं, जिनसे उनका मासिक धर्म प्रभावित हुआ और स्वास्थ्य बिगड़ गया।गिरिजा राउत ने कहा, 'मुझे पहले दिन से ही झूठ बोलकर फंसाया गया। शादी के बाद भी मेरे साथ बुरा बर्ताव जारी रहा, जिसमें अजीबोगरीब, अपमानजनक हरकतें और गलत मेडिकल इलाज शामिल थे। मेरे पति व उनके परिवार के अमानवीय व्यवहार ने मेरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी।
इस मामले में नामजद सभी नौ आरोपियों ने मेरी ज़िंदगी बर्बाद करने और मेरे साथ बुरा बर्ताव करने में बराबर की भूमिका निभाई है; इसलिए, कोर्ट और पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें इस अपराध के लिए उचित सजा मिले। यही मेरी गुज़ारिश है और मैं पूरा न्याय चाहती हूं।'पैसे की मांग के आरोपों पर उन्होंने कहा, 'विनायक राउत (पूर्व शिवसेना UBT सांसद) और उनके परिवार ने मुझ पर और मेरे परिवार पर पूरी तरह से झूठे आरोप लगाए हैं। न तो मेरे परिवार ने और न ही मैंने कभी पैसे की मांग की। जहां तक कैश गिनने की बात है, घर पर मशीन होने के बावजूद, गितेश हमेशा मुझसे हाथ से ही कैश गिनवाते थे। एक बार तो, जब मेरी तबीयत ठीक नहीं थी, तब भी उन्होंने मुझसे लगभग 18 लाख रुपये हाथ से गिनवाए। यह बस उनके मनमौजी व्यवहार का हिस्सा था।'उन्होंने यह भी कहा कि वे जोर देते थे कि मैं हर चीज का इलाज करवाऊं। वे खुद को पूरी तरह से फिट और स्वस्थ बताते थे।
