‘छुट्टे नहीं हैं, बस से नीचे उतरो’: बंगलूरू में भेष बदले मंत्री को नहीं पहचान पाया कंडक्टर, अब भुगत रहे अंजाम
रात के सन्नाटे में दो घंटे तक चले इस 'रियलिटी चेक' ने सरकारी दावों की हवा निकाल कर रख दी। जब खुद मंत्री जी के
रात के सन्नाटे में दो घंटे तक चले इस 'रियलिटी चेक' ने सरकारी दावों की हवा निकाल कर रख दी। जब खुद मंत्री जी के साथ बदसलूकी हो गई, तो विभाग में हड़कंप मचना ही था। ऑन द स्पॉट एक्शन हुआ और लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिर गई।मंत्री बायराथी सुरेश हेब्बाल से नागाशेट्टीहल्ली जाने वाली एक बस में सवार हुए। उन्होंने जेब से 100 रुपये का नोट निकाला और कंडक्टर से दो टिकट मांगे। इस पर कंडक्टर ने जो किया, वह बंगलूरू के बस यात्रियों की रोज की कहानी है।
कंडक्टर ने अपना बैग हिलाया और अकड़ कर बोला, 'छुट्टे पैसे नहीं हैं। अगर छुट्टे पैसे नहीं हैं, तो बस से नीचे उतर जाओ।' कंडक्टर को अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वह धौंस दिखा रहा है, वही उसका सबसे बड़ा बॉस है।मंत्री बायराथी सुरेश की इस गुप्त यात्रा के दौरान सिस्टम की पोल खोलने वाली ये पांच बड़ी बातें सामने आईं:-मंत्री जी शनिवार रात 7:10 से 9:10 बजे के बीच बिना किसी को बताए सड़कों पर घूमते रहे।बस के अलावा जमीनी हकीकत देखने के लिए मंत्री जी ने बेल्लारी रोड से हेब्बाल तक ऑटो की सवारी भी की।उन्होंने जयमहल, आर.टी.
नगर, मान्यता टेक पार्क और हेन्नूर समेत कई इलाकों के रूट्स का दौरा किया।: फन वर्ल्ड स्टॉप पर एक यात्री हाथ देकर बस (KA-57 F-3372) को रोकने की भीख मांगता रहा, लेकिन ड्राइवर ने बस नहीं रोकी।ठीक पीछे वाली बस में बैठे मंत्री ने यह लाइव तमाशा देखा और ड्राइवर मुश्ताक व कंडक्टर दयानंद को सस्पेंड करवा दिया।इस औचक निरीक्षण के बाद बीएमटीसी महकमे में ऊपर से नीचे तक सब कांप रहे हैं। बंगलूरू के लोग लंबे समय से शिकायत कर रहे थे कि सरकारी बसें स्टॉप पर रुकती नहीं हैं और स्टाफ का बर्ताव गुंडों जैसा होता है।
अब जब खुद मंत्री बायराथी सुरेश ने आईना देख लिया है, तो उम्मीद है कि बाकी स्टाफ भी सीधे रास्ते पर आएगा। विभाग ने सख्त आदेश दिए हैं कि जनता से बदतमीजी अब बर्दाश्त नहीं होगी।
