PM Modi: पीएम मोदी की खेल कूटनीति से ओलंपिक दावेदारी को मिलेगी धार, वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का प्रयास
इन दोनों देशों के साथ खेल नीति का जो रोडमैप तैयार किया है, वह आने वाले दशक में भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का
इन दोनों देशों के साथ खेल नीति का जो रोडमैप तैयार किया है, वह आने वाले दशक में भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का एक सोचा-समझा प्रयास है। सॉफ्ट पावर के इस नए इस्तेमाल का सीधा संबंध भारत की वैश्विक साख से है। भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और उसके बाद ओलंपिक की मेजबानी की पुख्ता दावेदारी पेश कर रहा है। खेलों में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों को साझेदार बनाकर भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह केवल ढांचागत व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समूचे खेल पारितंत्र और पदक जीतने की संस्कृति के मामले में भी वैश्विक मानक छूना चाहता है।न्यूजीलैंड में गाला लंच के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने अत्याधुनिक खेल उपकरणों का मुआयना किया और दिग्गज एथलीटों से बात की।
यह एक रस्मी मुलाकात नहीं थी। यह साल भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों की सौवीं वर्षगांठ का साल है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सौ साल पहले 1926 में मेजर ध्यानचंद के नेतृत्व में भारतीय हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड की धरती पर जो इतिहास रचा था, वह आज भी हमारी खेल साझेदारी की प्रेरणा है। क्रिकेट से आगे बढ़कर दोनों देशों ने स्पोर्ट्स जॉइंट एक्शन प्लान पर मुहर लगाई है। इसका असर जमीन पर दिखने भी लगा है। हाल ही में भुवनेश्वर में न्यूजीलैंड रग्बी और रग्बी इंडिया के संयुक्त कोचिंग प्रोग्राम के जरिए भारतीय कोचों को तराशने की शुरुआत हो चुकी है।
इसका बड़ा मकसद भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी की तैयारियों को धार देना है।न्यूजीलैंड आने से पहले मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के साथ रोडमैप फॉर स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन दोनों देशों के बीच खेल सहयोग का एक व्यापक दस्तावेज है। आगामी दशक में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2030, ब्रिस्बेन 2032 ओलंपिक और 2036 में भारत की ओलंपिक मेजबानी की महत्वाकांक्षा देखते हुए इस रोडमैप को तैयार किया गया है। भारत में हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स सेंटर्स की स्थापना के लिए ऑस्ट्रेलिया अपनी विशेषज्ञता साझा करेगा। भारतीय कोचों के लिए ट्रेन द ट्रेनर मॉडल और दोनों देशों के बीच फिजिकल एजुकेशन एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू होगा।
एथलीटों के प्रदर्शन के विश्लेषण और चोटों की रोकथाम और पोषण जैसे आयामों पर दोनों देशों के विश्वविद्यालय मिलकर शोध करेंगे।
