मानसून सत्र: विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक की राह आसान नहीं; चढ़ावा चोरी मामले पर मचेगा घमासान
विपक्ष का आरोप है कि इससे, इन दिग्गज संस्थानों की स्वायत्तता का हनन होगा। वे अपनी मर्जी से फैसले नहीं ले पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक
विपक्ष का आरोप है कि इससे, इन दिग्गज संस्थानों की स्वायत्तता का हनन होगा। वे अपनी मर्जी से फैसले नहीं ले पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा सांसद डी पुरंदेश्वरी की अध्यक्षता में संसद की 31 सदस्यीय संयुक्त समिति की सात और आठ जुलाई को अहम बैठक हुई थी। विपक्ष समेत आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और मेघालय जैसे कई राज्यों ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताई है।अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा के पैसों में हुई कथित हेराफेरी को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
पार्टी ने संसद सत्र में उनसे जवाब मांगने का एलान किया। कांग्रेस नेताओं ने देश के 26 अलग-अलग स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश और वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चढ़ावे में हेराफेरी की जांच करने वाले विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट बड़ी समस्या का बस एक छोटा सा हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि असली दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चढ़ावा
चोरी के साथ ही नीट पेपर लीक जैसे मुद्दे पर भी संसद के मानसून सत्र में सियासी बवाल होने की आशंका है।
