West Bengal: कोलकाता एयरपोर्ट की 130 साल पुरानी मस्जिद में तीन दिन के लिए नमाज स्थगित, किस वजह से लगी रोक?
दमदम उत्तर से भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने आरोप लगाया है कि हवाई अड्डा परिसर के भीतर मस्जिद की मौजूदगी से दोनों रनवे का पूरी
दमदम उत्तर से भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने आरोप लगाया है कि हवाई अड्डा परिसर के भीतर मस्जिद की मौजूदगी से दोनों रनवे का पूरी तरह से संचालन प्रभावित होता है। उन्होंने इससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी उठाई हैं। उनका दावा है कि नमाज के लिए मस्जिद आने वाले लोगों को हवाई अड्डे के पास या पृष्ठभूमि सत्यापन (बैकग्राउंड वेरिफिकेशन) की आवश्यकता नहीं होती है।
सिकदर ने कहा कि हवाई अड्डा एक बेहद सुरक्षित क्षेत्र है। हवाई अड्डे में प्रवेश करने वाले किसी भी व्यक्ति को फोटो के साथ बायोमेट्रिक पास लेना होता है। लेकिन यह मस्जिद सबसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित है, जिसे लेवल 3 कहा जाता है।भाजपा विधायक ने आगे कहा कि इस हवाई अड्डे से हर महीने लाखों यात्रियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसी वीवीआईपी हस्तियों का आना-जाना होता है।
उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने अधिकारियों के सामने इस मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था संभावित सुरक्षा चिंता का कारण बन सकती है।दूसरी ओर, पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक और मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कहा कि जब अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है, तो मस्जिद में नमाज रोकने की कोई आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि यह मस्जिद 135 से अधिक वर्षों से वहां मौजूद है और इस मुद्दे पर चर्चा जारी है।
चौधरी ने कहा कि वे किसी भी शांतिपूर्ण समाधान के लिए तैयार हैं और नमाज के लिए लोगों का प्रवेश रोकने की कोई जरूरत नहीं थी।
