वियतनाम नाव हादसा: तमिलनाडु में फोन कंपनी ने सेल्स टारगेट पूरा होने पर ने भेजा था टूर; केरल के दंपती की भी मौत
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास हुए नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है, जिनमें 13 पुरुष और दो महिलाएं
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास हुए नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है, जिनमें 13 पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। इस हादसे में सबसे ज्यादा 10 लोग तमिलनाडु से, तीन लोग आंध्र प्रदेश से और एक दंपती केरल का रहने वाला था। ताजा जानकारी के अनुसार, तमिलनाडु के तीन लोग एक मोबाइल कंपनी की तरफ से मिले टूर पर वियतनाम गए थे। तमिलनाडु के निवासी आंध्र प्रदेश के निवासी केरल के निवासी सेंथिल कुमार जयवेल, मुरुगाप्रभु अरुमुगम श्रीधर सुंदरराजन, शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद, बालाजी नटेशन, बाबू कुप्पुस्वामी विनय कुमार चिथापुरम भास्करा, रविशंकर सुगुमरन, संतोष कुमार शांतिलालजैन अलगुराज शिवासामी नल्लापेटा अदिशेशैया रवितेजा श्रीधर मुदियम जया लक्ष्मी गेल्ली एविकॉट चेरियन थॉमस लोवेनी थॉमस परिवार ने लगाई सरकार से गुहार इसी हादसे में डिंडीगुल जिले के पलानी के रहने वाले एक मोबाइल फोन डिस्ट्रीब्यूटर, मुरुगप्रभु अरुमुगम की भी मौत हो गई है।
उनके भाई कार्तिकेयन ने बताया, 'मेरा छोटा भाई तीन दिन पहले वियतनाम घूमने गया था। हमें अचानक खबर मिली कि नाव हादसे में उसकी मौत हो गई है। हमने राज्य सरकार से मदद मांगी है और केंद्र व राज्य दोनों सरकारों से हाथ जोड़कर अपील करते हैं कि मेरे भाई के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के इंतजाम किए जाएं'। राहत और बचाव कार्य की स्थिति इस नाव हादसे में 21 लोग (17 यात्री और चार क्रू मेंबर्स) को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में दो लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। नई दिल्ली में आंध्र प्रदेश भवन के विशेष प्रतिनिधि और विशेष आयुक्त डॉ. अर्जा श्रीकांत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं।
इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवारों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। इस नाव हादसे में केरल के एक दंपती की भी मौत हो गई। मृतकों में कोल्लम जिले के ए.सी. थॉमस (57) और उनकी पत्नी लोवेनी थॉमस (56) शामिल हैं। तेज हवा और खराब मौसम के कारण पर्यटक स्पीडबोट पलट गई। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चार चालक दल के सदस्य सवार थे। वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुन ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने केंद्र और स्थानीय अधिकारियों से राहत और बचाव अभियान तेज करने, घायलों का बेहतर इलाज कराने और मृतकों के परिवारों की हर संभव मदद करने को कहा है। वियतनाम के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूतावास ने बयान जारी कर हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि इस मुश्किल समय में उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।
प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को हादसे के कारणों की पूरी जांच करने, सुरक्षा व्यवस्था में हुई किसी भी कमी का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। वियतनाम के विदेश मंत्रालय को भारत के दूतावास के साथ मिलकर काम करने और प्रभावित भारतीय परिवारों को हर जरूरी सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
