दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' इंटरनेशनली भी बैन:zee5 इंटरनेशनल से हटाई; मंत्री बिट्टू ने आतंकी की Ak-47 वाली फोटो पोस्ट की
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' अब इंटरनेशनली भी बैन हो गई है। फिल्म को ZEE5 ओवर द टॉप (OTT) के इंटरनेशनल सेक्शन से भी हटा
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' अब इंटरनेशनली भी बैन हो गई है। फिल्म को ZEE5 ओवर द टॉप (OTT) के इंटरनेशनल सेक्शन से भी हटा दिया गया है। इसकी पुष्टि फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में की। इससे पहले, भारत में 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई इस फिल्म को 5 जुलाई को ही प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था। इसे लेकर केंद्र सरकार की ओर से कहा गया था कि फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का सर्टिफिकेट नहीं मिला था। उधर, सतलुज OTT से हटने के बाद छिड़े विवाद पर बहस थम नहीं रही। केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आंतकी शेरा की फोटो पोस्ट की, जिसमें वह हाथ में AK-47 थामे दिख रहा है। इसके साथ उन्होंने खबर की कटिंग भी पोस्ट की। इसमें गुरदासपुर जिले के बहादुरपुर गांव में 17 साल की लड़की के पहले मां-पिता की हत्या, फिर उसे बंधक बनाकर उसके साथ हुई रेप की घटना का जिक्र किया गया है। बिट्टू ने कहा- हजारों दर्दनाक किस्सों में से एक किस्सा...ये हैं खालिस्तान के शहीद। बिट्टू ने कहा- जो लोग आज इन हत्यारों और रेप करने वालों को 'नायक' या 'शहीद' बनाकर पेश करने की नापाक कोशिश कर रहे हैं, वे असल में पंजाब के उन गहरे जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं, जिन्हें पंजाब की जनता कभी भूल नहीं सकती।
फिल्म में दावा- पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार मारे दिलजीत दोसांझ की यह फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में फेक एनकाउंटर में 25 हजार युवाओं को मारने का दावा किया था। यह फिल्म 3 साल की रोक के बाद ही नाम बदलकर रिलीज की गई थी। पहले इसका नाम 'पंजाब 95' था, जिसे 'सतलुज' नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। फिल्म हटाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने कहा था- एक इंसानियत होती है, वह इंसानियत मर गई। मुझे इस बात का दुख नहीं है कि फिल्म इंटरनेट से हटा दी गई, क्योंकि फिल्म लोगों तक पहुंच चुकी है। एक बार जो चीज इंटरनेट पर आ गई, उसे हटाना आसान नहीं है। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। इस फिल्म के साथ वही हुआ, जो खालड़ा जी के साथ हुआ था। उन्होंने उन लोगों से फिल्म को दूसरों के साथ शेयर करने की अपील की, जिन्होंने इसे पहले ही डाउनलोड कर लिया था। फिल्म हटाने पर पंजाबी कलाकारों ने गुस्सा जताया है….पढ़ें पूरी खबर बिट्टू ने पोस्ट की साल 1991 की अखबार की कटिंग बिट्टू ने शेयर की अखबार की कटिंग केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर साल 1991 की एक पुरानी अखबार की कटिंग और आतंकी शमशेर सिंह शेरा की फोटो पोस्ट की।
इसके साथ उन्होंने 17 वर्षीय सरबजीत कौर के साथ हुई दर्दनाक घटना का जिक्र किया। अखबार की रिपोर्ट में क्या बताया गया बिट्टू द्वारा साझा की गई अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना गुरदासपुर जिले के बहादुरपुर गांव की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 10 फरवरी 1991 को 'खालिस्तान कमांडो फोर्स' (KCF) से जुड़े आतंकी शमशेर सिंह शेरा और उसके साथियों ने 17 वर्षीय सरबजीत कौर के माता-पिता की हत्या कर दी। इसके बाद लड़की को कथित तौर पर बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया गया। शेरा फतेहगढ़ साहिब जिले के अमलोह क्षेत्र के माजरी किशनेवाली गांव का रहने वाला बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरबजीत कौर को कई दिनों तक अलग-अलग खेतों और अज्ञात ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ बार-बार रेप किया गया। बाद में पंजाब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में शमशेर शेरा को गिरफ्तार किया गया और पीड़िता को उसके कब्जे से मुक्त कराया गया। बिट्टू बोले- हजारों दर्दनाक किस्सों में से एक किस्सा इस घटना का जिक्र करते हुए रवनीत बिट्टू ने सोशल मीडिया पर लिखा- हजारों दर्दनाक किस्सों में से एक किस्सा…ये हैं खालिस्तान के शहीद।