कर्नाटक में कब होंगे पंचायत चुनाव?: मंत्री ईश्वर खंड्रे ने बताया संभावित समय, केंद्र पर लगाया ये बड़ा आरोप
मंत्री खंड्रे ने बताया कि सभी निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन और तालुक व जिला पंचायतों के लिए आरक्षण तय करने का काम तेजी से चल
मंत्री खंड्रे ने बताया कि सभी निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन और तालुक व जिला पंचायतों के लिए आरक्षण तय करने का काम तेजी से चल रहा है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, प्रस्ताव राज्य चुनाव आयोग को सौंप दिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक में भी इस पर विस्तार से चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री और सभी मंत्री जल्द से जल्द चुनाव कराने के पक्ष में हैं।मंत्री ईश्वर खंड्रे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत कर्नाटक की ग्राम पंचायतों को मिलने वाले 2,186.20 करोड़ रुपये केंद्र ने रोक रखे हैं। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियों का बहाना बनाकर पैसा रोकना बिल्कुल गलत है। मंत्री ने राज्य के सांसदों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की है।राज्य में ग्राम, तालुक और जिला पंचायत चुनाव अक्टूबर या नवंबर में कराए जा सकते हैं।केंद्र सरकार ने कर्नाटक की पंचायतों का 2,186.20 करोड़ रुपये का फंड तकनीकी कारणों से रोक रखा है।सूखा होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति के लिए 117 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।पलायन रोकने के लिए मनरेगा की जगह नई राज्य स्तरीय योजना 'VB-G RAM G' शुरू की गई है।मंत्री ने साल 2029 तक 'वन नेशन, वन इलेक्शन' लागू करने के विचार को केंद्र का तानाशाही रवैया बताया।शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों में देरी पर मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी अभी एक विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया में व्यस्त हैं, इसलिए अतिरिक्त समय मांगा गया है।
इसके अलावा उन्होंने राज्य में सूखे के हालातों को देखते हुए जनता से पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी।
