बुकिंग आए न आए सैलरी मिलती हैं और 'इज्जत' भी... जानिए ऑनलाइन घरेलू काम ने कैसे बदली प्रियंका की लाइफ?
'एक बार मैं किसी के घर 12 घंटे की ड्यूटी पर बच्चा संभालने जाती थी. वो मुझे दोपहर 3 बजे खाना देती थीं और कहती
'एक बार मैं किसी के घर 12 घंटे की ड्यूटी पर बच्चा संभालने जाती थी. वो मुझे दोपहर 3 बजे खाना देती थीं और कहती थीं कि 'तुम सारी काम वालियां एक जैसी होती हो, तुम्हारी कोई औकात नहीं है...' उस दिन औकात शब्द सुनकर मेरा दिल टूट गया और मैंने घरों में वैसे काम करना छोड़ दिया.'
