भंडारा किंग बाबा... वे अपने लिए नहीं, भूखे लोगों के लिए जोड़ते थे हाथ
हरिद्वार की हर की पौड़ी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं ने शायद यह आवाज कभी न कभी जरूर सुनी होगी- 'भंडारा कर दो बाबूजी... 100
हरिद्वार की हर की पौड़ी पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं ने शायद यह आवाज कभी न कभी जरूर सुनी होगी- 'भंडारा कर दो बाबूजी... 100 में 5 बाबा, 200 में 11 बाबा खाएंगे.' यह आवाज किसी भीख मांगने वाले की नहीं थी. यह उस शख्स की थी, जो अपने लिए नहीं, भूखों के लिए हाथ जोड़ता था. सालों तक हर की पौड़ी के पास शिवसेतु पर बैठकर हजारों जरूरतमंदों के लिए भोजन जुटाने वाले 'भंडारा किंग बाबा' रमाशंकर गुप्ता अब इस दुनिया में नहीं रहे.
